सीजी भास्कर , 18 अप्रैल
विंग कमांडर विपुल यादव की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना के चलते ही उन्होंने यह कदम उठाया।
घटना 10-11 मार्च 2026 की रात की है, जब विपुल यादव अपने सरकारी आवास में फांसी के फंदे पर मृत पाए गए थे। शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद सामने आया था। पुलिस ने परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए, जिसमें बताया गया कि विपुल लंबे समय से तनाव में थे और उन्हें परिवार से बातचीत करने से रोका जाता था।
जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
परिजनों का आरोप है कि विपुल को माता-पिता और बच्चों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान रहते थे। पिता ने बताया कि विपुल अपनी समस्याओं को खुलकर साझा नहीं करते थे, लेकिन उनके व्यवहार से तनाव साफ झलकता था।
परिवार के अनुसार, विपुल ने 2014 में प्रेम विवाह किया था और शादी के बाद बहुत कम ही गांव आते थे। परिजनों ने यह भी कहा कि घर का माहौल ऐसा था जिससे वह अलग-थलग पड़ गए थे।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।


