सीजी भास्कर, 2 जून। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों के बड़े दल का सड़क पार करते हुए वीडियो सामने आया है। खरसिया रेंज से छाल वन परिक्षेत्र की ओर बढ़ रहे 51 हाथियों के दल ने बरभौना और एडू के बीच सड़क पार की। हाथियों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोक दी। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। (A group of 51 elephants descended on the road)
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह खरसिया रेंज के मांड नदी क्षेत्र में एक हाथी शावक का शव मिला था। यह शावक उसी 51 सदस्यीय दल का हिस्सा बताया जा रहा है, जो पिछले कुछ दिनों से खरसिया के जंगलों में विचरण कर रहा था।
सोमवार शाम दल आगे बढ़ते हुए छाल रेंज की ओर पहुंचा। इस दौरान बरभौना और एडू के बीच हाथी अचानक सड़क पर आ गए। दल में नर, मादा और शावक हाथी भी शामिल थे।
वाहनों को रोककर कराया गया सुरक्षित मार्ग : A group of 51 elephants descended on the road
हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए सड़क के दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया। इसके बाद हाथियों का दल सुरक्षित रूप से सड़क पार कर जंगल की ओर बढ़ गया।
ग्रामीणों ने बनाया वीडियो
हाथियों के सड़क पार करने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सबसे पहले एक बड़ा हाथी जंगल से निकलकर सड़क पर आता है, जिसके पीछे-पीछे पूरा झुंड एक-एक कर सड़क पार करता है।
छाल रेंज में 76 हाथियों की मौजूदगी : A group of 51 elephants descended on the road
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार छाल वन परिक्षेत्र में वर्तमान में 76 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा दल एडू परिसर में मौजूद 51 हाथियों का है। इस दल में 12 नर, 33 मादा और 6 शावक शामिल हैं।
इसके अलावा हाटी, कुड़ेकेला, छाल, बनहर, औरानारा, बोजिया, बेहरामार, गलिमार और पुरूंगा क्षेत्र में भी हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। पूरे छाल वन परिक्षेत्र में कुल 22 नर, 44 मादा और 10 शावक हाथी विचरण कर रहे हैं।
लगातार निगरानी कर रहा वन विभाग
छाल रेंजर राजेश चौहान ने बताया कि हाथियों का दल सोमवार शाम खरसिया क्षेत्र से छाल रेंज में प्रवेश किया है। सड़क पार करने के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही रोकी गई थी। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है और प्रभावित गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।




