रिपोर्टर – आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 09 जुलाई। गरियाबंद में चर्चित आकाश कश्यप मौत मामले ने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच (Akash Kashyap Murder) लिया है। कई दिनों से मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही थी और अब जांच में सामने आए नए तथ्यों के बाद पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। इलाके में इस घटनाक्रम को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है।
घटना के बाद से मृतक के परिजन निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या का मामला दर्ज Akash Kashyap Murder
मैनपुर थाना क्षेत्र में 29 जून 2026 की रात आकाश कश्यप के साथ कथित रूप से लाठी डंडों से मारपीट की गई थी। गंभीर हालत में उन्हें गरियाबंद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 1 जुलाई को उनकी मौत हो गई। जांच के दौरान मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों में यह स्पष्ट हुआ कि मौत गंभीर चोटों के कारण हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या में दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
छह आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग संरक्षण में
पुलिस ने जांच के दौरान देवकुमार निषाद, भीखम यादव, मनीष यादव, लक्की नेताम, लोकेश यादव और डिगेंद्र निर्मलकर को गिरफ्तार किया है। वहीं घटना में शामिल एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय अधिनियम के तहत संरक्षण में लिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सामूहिक रूप से मारपीट करने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए दो लकड़ी के डंडे भी बरामद कर जब्त किए गए हैं।
परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
मृतक की बहन आकांक्षा कश्यप ने पुलिस अधीक्षक गरियाबंद को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग (Akash Kashyap Murder) की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मृतक अनुसूचित जाति समुदाय से था, इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है।
पुलिस कर रही हर पहलू की जांच
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह मामला मामूली विवाद के बाद हुई हिंसक मारपीट का प्रतीत होता है। हालांकि विवेचना अभी जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य कारण तो नहीं था। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
पूरे मामले की जांच पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी और मैनपुर थाना पुलिस की विशेष टीम द्वारा की गई। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



