सीजी भास्कर, 10 जुलाई : छत्तीसगढ़ सरकार ने बलौदाबाजार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में धान खरीदी (Dhan Kharidi Kendra) व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और किसान हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से जिले के 30 से अधिक धान उपार्जन केंद्रों में शेड-सह-चबूतरा निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा विकासखंड के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रत्येक धान खरीदी केंद्र के लिए 10-10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस संबंध में प्रशासनिक मंजूरी 23 जून 2026 को जारी की गई।
मंत्री टंक राम वर्मा बोले- यह किसान सुविधा का विस्तार
राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों (Dhan Kharidi Kendra) की मेहनत का सम्मान करने और धान खरीदी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि धान उपार्जन केंद्रों में शेड और चबूतरे का निर्माण केवल अधोसंरचना विकसित करने का कार्य नहीं, बल्कि किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। डीएमएफ निधि का उद्देश्य खनिज प्रभावित क्षेत्रों में ऐसी स्थायी परिसंपत्तियां विकसित करना है, जिनका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिले। इस व्यवस्था से खरीदी केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और किसानों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक माहौल मिलेगा।
30 से अधिक गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ
योजना (Dhan Kharidi Kendra) के तहत सिमगा विकासखंड के सकरी, भटभेरा, गोरदी, जांगड़ा, केसली, हिरमी, सुहेला, सकलोर, शिकारी-केसली, रावन, मोहरा, बिटकुली, नवापारा, फूलवारी, फरहदा, जरौद और हथबंद सहित कई धान उपार्जन केंद्रों में शेड-सह-चबूतरा निर्माण कराया जाएगा। वहीं बलौदाबाजार विकासखंड के सकरी, लटुवा, रिसदा, रसेड़ा, मोहतरा, कुकुरदी, बलौदाबाजार, धंवई, सलौनी, देवरी, दशरमा, खम्हरिया (चांपा), करमदा और अर्जुनी के खरीदी केंद्रों में भी यह सुविधा विकसित की जाएगी।
बारिश और धूप से सुरक्षित रहेगी किसानों की फसल
अब तक पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को अपनी उपज खुले में रखना पड़ता था, जिससे बारिश, तेज धूप और जमीन की नमी के कारण धान खराब होने का खतरा बना रहता था। नए शेड और ऊंचे चबूतरे बनने के बाद धान सुरक्षित रहेगा। साथ ही तौल और भंडारण की व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे खरीदी प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।



