सीजी भास्कर, 10 जुलाई : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के लिमोरा गांव में शिक्षकों (Teacher Shortage) की भारी कमी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया। तालाबंदी के चलते तीनों स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
200 छात्रों की पढ़ाई पर संकट
ग्रामीणों के अनुसार गांव के तीनों स्कूलों में करीब 200 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए केवल 12 शिक्षक ही पदस्थ हैं। शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन को आवेदन दिया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने स्कूलों में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, समाधान का दिया भरोसा
घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और पालकों से चर्चा कर जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। हालांकि ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक पर्याप्त शिक्षक नियुक्त नहीं किए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लिमोरा की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि वह इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी करता है, ताकि बच्चों की पढ़ाई दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सके।



