सीजी भास्कर, 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो 17 जुलाई तक चलेगा। अवधि भले ही कम हो, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने सदन में अपने-अपने मुद्दों को लेकर रणनीति तैयार कर ली है। सत्र की शुरुआत पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि के साथ होगी। (Chhattisgarh Monsoon Session 2026)

पहले दिन प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप के विभागों से जुड़े प्रश्नों पर चर्चा होगी। इसके अलावा सदन में विभिन्न जनहित और स्थानीय मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
विधानसभा (Chhattisgarh Monsoon Session 2026) के दूसरे दिन कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। इसके साथ ही नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है। कांग्रेस का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में नियमों का पालन नहीं किया गया और प्रभावित लोगों के साथ अन्याय हुआ। विपक्ष इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा की मांग करेगा।
सरकार को घेरने की रणनीति : Chhattisgarh Monsoon Session 2026
अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, बिजली-पानी, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, भूमि विवाद और आदिवासी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है। विपक्ष इन विषयों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।
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उपलब्धियों को सदन पटल पर रखने की तैयारी
वहीं सरकार ने भी मानसून सत्र को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। सभी विभागों से संबंधित प्रश्नों के जवाब तैयार किए जा चुके हैं और मुख्यमंत्री सहित संबंधित मंत्री सदन में विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे। सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को भी सदन के पटल पर रखने की तैयारी में है।
इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों और विभागों से जुड़े मुद्दों को उठाया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अविश्वास प्रस्ताव, नकटी प्रकरण और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों के चलते पूरे सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे के आसार रहेंगे।
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