सीजी भास्कर, 19 जून : छत्तीसगढ़ में Chhattisgarh UCC (Uniform Civil Code) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके लिए गठित विशेषज्ञ समिति जल्द अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि UCC के विभिन्न सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन करने के लिए गठित समिति लगातार काम कर रही है। समिति प्रदेश की परिस्थितियों, विभिन्न समुदायों की राय और कानूनी व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि आगामी मानसून सत्र तक समिति का कार्य पूरा हो सकता है।
गौरतलब है कि 15 अप्रैल को आयोजित साय कैबिनेट की बैठक में राज्य में Chhattisgarh UCC लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके बाद सरकार ने आवश्यक नियमों, प्रक्रियाओं और कानूनी ढांचे को तैयार करने के लिए आगे की कार्रवाई शुरू की थी। सरकार का मानना है कि समान नागरिक संहिता सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
राज्य सरकार ने UCC का प्रारूप तैयार करने और विभिन्न पक्षों का अध्ययन करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश Ranjana Prakash Desai की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। समिति को विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही समिति के अन्य सदस्यों के चयन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
वर्तमान समय में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण और पारिवारिक मामलों में विभिन्न धर्मों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। इसके कारण कई बार कानूनी प्रक्रियाओं में भिन्नता और जटिलताएं देखने को मिलती हैं। Chhattisgarh UCC लागू होने की स्थिति में इन मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था विकसित की जा सकती है, जिससे सभी नागरिकों के लिए समान नियम लागू होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य संविधान की मूल भावना के अनुरूप सभी नागरिकों को समान अधिकार और न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सरकार सभी पहलुओं का परीक्षण कर आगे का निर्णय लेगी।
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे Chhattisgarh UCC को लेकर अब प्रदेश की निगाहें विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि रिपोर्ट मानसून सत्र तक सरकार को सौंप दी जाती है, तो आने वाले महीनों में इस विषय पर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं।





