सीजी भास्कर, 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की पहल का असर अब आंकड़ों में भी दिखाई (Property Registration) देने लगा है। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिवार महिलाओं के नाम पर संपत्ति का पंजीयन करा रहे हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने के साथ लोगों को करोड़ों रुपये की सीधी राहत भी मिली है।
पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की समीक्षा के अनुसार योजना लागू होने के बाद महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई जिलों में पिछले साल की तुलना में पंजीयन के मामलों में तेज वृद्धि देखने को मिली है।

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महिलाओं के नाम बढ़े पंजीयन Property Registration
विभाग ने 6 मई से 30 जून 2026 तक के आंकड़ों की तुलना पिछले वर्ष की समान अवधि से की। विश्लेषण में सामने आया कि वर्ष 2025 में महिलाओं के पक्ष में पंजीकृत विक्रय विलेखों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत थी, जो इस वर्ष बढ़कर 41 प्रतिशत हो गई। इसी अवधि में महिलाओं के नाम पंजीकृत दस्तावेजों की संख्या 14 हजार 668 से बढ़कर 21 हजार 292 पहुंच गई। यह करीब 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
कई जिलों में दिखा बड़ा असर
राज्य के लगभग 75 प्रतिशत जिलों में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में 20 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। जांजगीर चांपा, बलोद, कोरिया, रायपुर और कांकेर जैसे जिलों में योजना का प्रभाव अधिक दिखाई दिया।
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लोगों को मिला 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभ
पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट के चलते 6 मई से 30 जून के बीच नागरिकों को करीब 50.14 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ और महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को भी प्रोत्साहन मिला।
सरकार ने बताया सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उनके अनुसार संपत्ति का स्वामित्व महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ परिवार और समाज में उनकी निर्णय क्षमता और सम्मान भी बढ़ाता है।
वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में आई बढ़ोतरी सामाजिक बदलाव (Property Registration) का संकेत है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी और नागरिक केंद्रित पंजीयन व्यवस्था विकसित करने के साथ महिलाओं को संपत्ति स्वामित्व के जरिए सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
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