सीजी भास्कर, 15 जुलाई : नवा रायपुर के नकटी गांव में गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने के विरोध में बुधवार को कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज (Nakti Nyay Padyatra) के नेतृत्व में 13 किलोमीटर लंबी ‘न्याय पदयात्रा’ निकाली। यह पदयात्रा नकटी गांव से शुरू होकर पीटीएस चौक, माना, फुंडहर चौक, श्रीराम मंदिर (करेंसी टावर), तेलीबांधा और गौरव पथ होते हुए राजभवन (लोकभवन) पहुंची। पदयात्रा में बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार, कांग्रेस विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
85 प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नकटी गांव के 85 गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने के बाद अब तक उनका स्थायी पुनर्वास नहीं किया गया है। पार्टी ने मांग की है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को नकटी गांव में ही 2,000 वर्गफीट भूमि आवंटित कर स्थायी पुनर्वास (Nakti Nyay Padyatra) किया जाए और मकान टूटने से हुए नुकसान के अनुरूप उचित मुआवजा दिया जाए।
गांव छोड़ने से किया इनकार
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन की ओर से सेक्टर-30 स्थित हाउसिंग बोर्ड के चौथी मंजिल के फ्लैटों में अस्थायी आवास देने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका रोजगार, सामाजिक जीवन और आजीविका गांव से जुड़ी है, इसलिए वे किसी अन्य स्थान पर नहीं बल्कि नकटी गांव में ही पुनर्वास चाहते हैं। फिलहाल सभी प्रभावित परिवार टेंट और टीन शेड में रहने को मजबूर हैं।
पदयात्रा के दौरान दीपक बैज के पैर में आई मोच
न्याय पदयात्रा (Nakti Nyay Padyatra) के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के पैर में मोच आ गई। चोट लगने के कारण वे आगे पैदल नहीं चल सके। इसके बाद वे कार में सवार होकर पदयात्रा के साथ आगे बढ़े, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रभावित ग्रामीण पैदल मार्च करते हुए राजभवन पहुंचे।
राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास, उचित मुआवजे और मानवीय आधार पर शीघ्र समाधान की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि यह गरीब परिवारों के अधिकार और न्याय की लड़ाई है तथा जब तक प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



