सीजी भास्कर, 10 जुलाई। नगर पंचायत समोदा के भाजपा पार्षदों के कथित सामूहिक इस्तीफे से जुड़ा एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। वायरल पत्र में क्षेत्र में विकास कार्य ठप होने, अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनने और आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होने का हवाला देते हुए सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की बात लिखी गई है। (Samoda BJP Councillors Resignation)
इस वायरल पत्र को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा के लिए उसके ही पार्षदों की यह चिट्ठी करारा तमाचा है। बैज ने आरोप लगाया कि जब सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि ही व्यवस्था से असंतुष्ट होकर इस्तीफा देने की बात कर रहे हैं, तो इससे प्रदेश की विकास व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र की वास्तविक तस्वीर सामने आती है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है।
भाजपा ने किया पलटवार, बताया फर्जी पत्र : Samoda BJP Councillors Resignation
वहीं, इस पूरे मामले में नगर पंचायत समोदा के उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता अंगेश्वर देवांगन ने वायरल पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। उन्होंने कहा कि न तो किसी भाजपा पार्षद ने इस्तीफा दिया है और न ही मुख्यमंत्री को ऐसा कोई पत्र भेजा गया है। उन्होंने इसे विपक्ष की साजिश बताते हुए कहा कि सभी भाजपा पार्षद सरकार के कार्यों से संतुष्ट हैं और विकास कार्य लगातार जारी हैं।
भाजपा पार्षद विक्रांत सोनकर ने भी इस्तीफे की खबरों का खंडन करते हुए वायरल पत्र को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने के उद्देश्य से फर्जी लेटरपैड का इस्तेमाल किया गया है।
अब जांच और आधिकारिक स्थिति पर निगाहें
फिलहाल वायरल पत्र की सत्यता को लेकर दोनों दल आमने-सामने हैं। कांग्रेस इसे सरकार की विफलता का प्रमाण बता रही है, जबकि भाजपा इसे विपक्ष द्वारा फैलाया गया दुष्प्रचार बता रही है। ऐसे में इस पूरे मामले में प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।



