सीजी भास्कर, 15 जुलाई : अंबिकापुर के कन्या परिसर रोड स्थित बाल संप्रेक्षण गृह (Ambikapur Bal Samprekshan Grih) से फरार हुए 13 अपचारी बालकों में से दो को पुलिस और प्रशासन ने तलाश कर लिया है, जबकि 11 अपचारी अब भी फरार हैं। फरार बालकों में चोरी और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध किशोर भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी अपचारी पुराने दरवाजे को तोड़कर संप्रेक्षण गृह से फरार हुए।
अंबिकापुर का अपचारी बना फरारी का मास्टरमाइंड
परीविक्षा अधिकारी शमा नूरी के अनुसार, इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड अंबिकापुर का एक अपचारी बालक है। बताया गया कि वह शहर के एक आदतन अपराधी के संपर्क में आने के बाद आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया था। पिछली बार फरार होने के बाद वह स्वयं लौट आया था, लेकिन इस बार उसने तीन पुराने और 10 नए अपचारी बालकों को साथ लेकर भागने की योजना बनाई।
पुराने दरवाजे को तोड़कर हुए फरार
जानकारी के मुताबिक, अपचारी बालकों ने संप्रेक्षण गृह (Ambikapur Bal Samprekshan Grih) के पुराने और कमजोर दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया। फरार बालकों में सरगुजा, बलरामपुर और कोरिया जिले के किशोर शामिल हैं। प्रशासन ने उनके परिजनों को भी सूचना देकर निर्देश दिए हैं कि यदि कोई बालक घर पहुंचे तो तत्काल इसकी जानकारी प्रशासन और पुलिस को दें।
जून और फरवरी की घटनाओं से नहीं लिया गया सबक
गौरतलब है कि इसी वर्ष 23 जून को भी बाल संप्रेक्षण गृह से 11 अपचारी बालक खिड़की तोड़कर फरार हो गए थे। इससे पहले फरवरी में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। हर बार जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर आवश्यक सुधार नहीं किए गए। बताया जा रहा है कि खिड़कियों और दरवाजों की वेल्डिंग का काम अधूरा था और अतिरिक्त नगर सैनिकों की तैनाती की मांग भी पूरी नहीं हुई थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
लगातार तीसरी बार हुई फरारी की घटना ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि सुरक्षा संबंधी खामियों को समय रहते दूर नहीं किया गया, जिसका फायदा उठाकर अपचारी बालक फरार होने में सफल रहे। पुलिस फरार 11 अपचारी बालकों की तलाश में जुटी हुई है।



