सीजी भास्कर, 14 जुलाई। बिलासपुर के सरकंडा स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में रविवार देर रात सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए चार बाल अपचारी सुरक्षा गार्ड की हत्या कर फरार हो गए। हत्या, दुष्कर्म, छेड़खानी और चोरी जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध इन बाल अपचारियों ने कथित तौर पर पहले ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड पर हमला किया, फिर उसके हाथ-पैर बांधकर गला दबाया और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद चारों आरोपी परिसर से फरार हो गए। (Security Guard Murder)

जानकारी के अनुसार, तखतपुर थाना क्षेत्र के अरईबंद निवासी नरेंद्र कुमार खांडे (41) पिछले करीब एक वर्ष से बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार के रूप में कार्यरत थे। रविवार रात उनकी ड्यूटी प्रथम तल पर थी। इसी दौरान चारों बाल अपचारियों ने उन पर हमला किया और हत्या करने के बाद छत की सुरक्षा जाली हटाकर नीचे उतर गए। इसके बाद मुख्य गेट पर खड़ी दूसरे सुरक्षा गार्ड की बाइक लेकर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सोमवार सुबह कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। देर शाम प्रशासन की समझाइश के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स अस्पताल की मरच्यूरी भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, फरार चारों बाल अपचारी गंभीर अपराधों में निरुद्ध थे। इनमें एक हत्या, एक दुष्कर्म तथा दो छेड़खानी और चोरी के मामलों में बंद थे। बताया जा रहा है कि इनमें से एक की उम्र 20 वर्ष पूरी हो चुकी थी और उसे जल्द ही सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया जाना था।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फरार होने से पहले अधीक्षक कक्ष से सीसीटीवी का डीवीआर और चाबियों के गुच्छे भी अपने साथ ले गए, ताकि वारदात से जुड़े साक्ष्य नष्ट किए जा सकें। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और चारों फरार बाल अपचारियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य पहलुओं के आधार पर मामले की जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बीते 20 दिनों के भीतर सुधार गृह से फरार होने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले अंबिकापुर के बाल संप्रेक्षण गृह से भी 11 बाल अपचारी फरार हो गए थे। इस घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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