सीजी भास्कर, 22 जुलाई : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व आफ स्पिनर राजेश चौहान (Rajesh Chauhan Fraud Case) के खिलाफ कथित धोखाधड़ी मामले में दुर्ग की अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) की अदालत ने मोहन नगर थाना पुलिस को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने और अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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17.52 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
याचिका के अनुसार, व्यवसायी एवं ठेकेदार दिनकर विश्वमित्र ने आरोप लगाया है कि उनकी पहचान मित्र सरोज कुमार के माध्यम से राजेश चौहान से हुई थी। शिकायत में कहा गया है कि चौहान ने खुद को उद्योगपति नवीन जिंदल का करीबी बताते हुए ओडिशा के क्योंझर स्थित जिंदल इस्पात संयंत्र में ट्रांसपोर्ट का बड़ा ठेका मिलने का दावा किया और साझेदारी का प्रस्ताव दिया।
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फर्जी दस्तावेज दिखाने का आरोप Rajesh Chauhan Fraud Case
शिकायत के मुताबिक, भरोसा दिलाने के लिए कथित तौर पर जिंदल इस्पात के नाम से वर्क ऑर्डर और अन्य दस्तावेज दिखाए गए। इसके बाद 30 जुलाई 2021 को दोनों पक्षों के बीच इकरारनामा हुआ। आरोप है कि पीड़ित ने पहले 2.51 लाख रुपये नकद और बाद में गोविंद ट्रांसपोर्ट कंपनी के खाते में दो किश्तों में 15.01 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इस तरह कुल 17.52 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
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जिंदल प्लांट पहुंचने पर सामने आई हकीकत
शिकायतकर्ता का कहना है कि काफी समय तक काम शुरू नहीं होने पर वह ओडिशा स्थित जिंदल इस्पात संयंत्र पहुंचा। वहां अधिकारियों ने कथित तौर पर बताया कि राजेश चौहान या उनकी कंपनी को कोई ट्रांसपोर्ट ठेका नहीं दिया गया है और प्रस्तुत दस्तावेज वैध नहीं हैं।
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पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट पहुंचे
पीड़ित ने मोहन नगर थाना और दुर्ग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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कोर्ट ने FIR दर्ज करने के दिए निर्देश
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ऐश्वर्या दीवान ने बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड, इकरारनामा और अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनना माना। इसके बाद अदालत ने मोहन नगर थाना प्रभारी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने तथा अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया।



