सीजी भास्कर, 21 जुलाई : रायपुर के कुशालपुर-भाटागांव क्षेत्र में जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित बड़े नाले के निर्माण को लेकर बुलाई गई तकनीकी बैठक नगर निगम अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण स्थगित हो गई। बैठक में परियोजना (Kushalpur Drain Project) के डिजाइन, निर्माण की रूपरेखा, जिम्मेदारियों के बंटवारे और समय-सीमा पर चर्चा होनी थी, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका।
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निगम अधिकारियों के नहीं पहुंचने से बैठक स्थगित
सुबह 11:30 बजे अभनपुर स्थित एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय में बैठक आयोजित की गई थी। प्रोजेक्ट डायरेक्टर दिग्विजय सिंह सहित एनएचएआई के अधिकारी निर्धारित समय पर पहुंचे, लेकिन नगर निगम का कोई अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुआ। काफी देर इंतजार के बाद संपर्क करने पर निगम अधिकारियों ने बताया कि वे विधायक राजेश मूणत की समीक्षा बैठक में व्यस्त हैं। इसके बाद बैठक स्थगित कर दी गई। फिलहाल अगली बैठक की तारीख भी तय नहीं हो सकी।
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Kushalpur Drain Project जलभराव से परेशान हैं तीन वार्ड
कुशालपुर और भाटागांव क्षेत्र के करीब तीन वार्ड हर बारिश में जलभराव की गंभीर समस्या से जूझते हैं। हल्की बारिश में भी सड़कों और कॉलोनियों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रोफेसर कॉलोनी और भाटागांव के बीच रिंग रोड पर बड़े नाले (Kushalpur Drain Project) के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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इन बिंदुओं पर होनी थी चर्चा
प्रस्तावित बैठक में नाले का रूट, डिजाइन, चौड़ाई, गहराई, जल निकासी क्षमता, एनएचएआई और नगर निगम की जिम्मेदारियां, ट्रैफिक डायवर्जन, बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था तथा निर्माण कार्य की समय-सीमा तय की जानी थी। बैठक स्थगित होने से परियोजना की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकी।
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विधायक की समीक्षा बैठक में व्यस्त थे अधिकारी
उधर, जिस समय एनएचएआई कार्यालय में बैठक प्रस्तावित थी, उसी समय रायपुर पश्चिम विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत 20 वार्डों के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में सफाई, जलभराव, पेयजल, अवैध निर्माण, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।
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एनएचएआई और नेता प्रतिपक्ष का बयान
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर दिग्विजय सिंह ने कहा कि कुशालपुर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए बैठक रखी गई थी, लेकिन नगर निगम अधिकारियों के शामिल नहीं होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शहर में लगातार बैठकें हो रही हैं, लेकिन उनका असर बुनियादी सुविधाओं पर दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान अधिकांश वार्ड जलभराव से प्रभावित हुए, जबकि जल निकासी व्यवस्था को लेकर अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।



