सीजी भास्कर, 22 जुलाई : गरियाबंद में दिवंगत शिक्षक स्व. परमानंद ध्रुव के पेंशन प्रकरण (Pension Case) के निराकरण के लिए 50 हजार रुपये की कथित मांग के मामले में जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाए गए हैं। पीड़िता संतोषी ध्रुव ने जांच समिति की कार्यवाही को लेकर आपत्ति जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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जांच रिपोर्ट पर लगाए आरोप Pension Case
पीड़िता संतोषी ध्रुव का आरोप है कि जांच समिति ने मामले में प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों की सही तरीके से समीक्षा नहीं की। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान दोषी अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय गरियाबंद के पत्र के आधार पर गठित जांच समिति में वाय. आर. साहू, भगवानी देवांगन और वर्षा नेताम को शामिल किया गया था।
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50 हजार रुपये मांग का आरोप Pension Case
संतोषी ध्रुव ने जांच समिति के समक्ष दिए बयान में आरोप लगाया था कि पेंशन प्रकरण के निराकरण के लिए प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी फिंगेश्वर और लिपिक महेश्वर मार्कण्डेय द्वारा 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। उन्होंने यह भी बताया था कि इस संबंध में उनके पास ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है, जिसे जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारियों को सौंपा जा सकता है।
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ऑडियो जांच नहीं होने का दावा
पीड़िता का कहना है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग जांच समिति के सामने पेश नहीं की गई, इसके बावजूद रिपोर्ट में ऑडियो की आवाज स्पष्ट नहीं होने का उल्लेख किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना जांच के इस तरह की टिप्पणी कैसे की गई।
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मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी
संतोषी ध्रुव ने कहा कि वह पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्यों के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करेंगी। उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर जांच समिति की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की जाएगी, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
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