सीजी भास्कर, 25 जुलाई : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शिक्षा से दूर हो चुके बच्चों (Bridge Course ) को दोबारा स्कूल की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। जिले के सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के करीब 1200 शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) और अप्रवेशी बच्चों को आवासीय पोर्टा केबिनों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।
घर-घर सर्वे से हुई बच्चों की पहचान
अप्रवेशी और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों की पहचान के लिए घर-घर सर्वे कराया गया। इसके बाद 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने की पहल की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर यह अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर विश्वदीप और जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे के निर्देशन में शिक्षा विभाग बच्चों के लिए विशेष शिक्षण व्यवस्था तैयार कर रहा है।

खेल-गतिविधियों से स्कूल के माहौल में ढाल रहे बच्चे
लंबे समय से पढ़ाई से दूर रहे बच्चों को सीधे कक्षा में शामिल करने के बजाय पहले स्कूल के वातावरण से परिचित कराया जा रहा है। इसके लिए खेलकूद, चित्रकला, नृत्य, टीवी कार्यक्रम और शैक्षणिक भ्रमण जैसी गतिविधियां कराई जा रही हैं, ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े और वे आसानी से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ सकें।
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90 दिन का चलेगा Bridge Course
बच्चों की शैक्षणिक क्षमता का आकलन करने और उनकी बुनियादी भाषा एवं गणित की समझ मजबूत करने के लिए 90 दिनों का विशेष ब्रिज कोर्स संचालित किया जा रहा है। इस दौरान बच्चों को उनकी वर्तमान शैक्षणिक स्थिति के अनुसार पढ़ाया जाएगा।
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मूल्यांकन के बाद तय होगी कक्षा
ब्रिज कोर्स पूरा होने के बाद बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। परीक्षा और सीखने की क्षमता के आधार पर बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार उचित कक्षा में नियमित प्रवेश दिया जाएगा।
उपस्थिति और गुणवत्ता पर विशेष फोकस
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि वर्षों बाद बड़ी संख्या में बच्चे दोबारा पढ़ाई से जुड़ रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि इन बच्चों को बेहतर माहौल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जिला पंचायत बीजापुर के सीईओ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों डीईओ, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी और संकुल समन्वयकों की बैठक लेकर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अध्यापन की गुणवत्ता और भोजन व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने कहा गया है।
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