सीजी भास्कर, 28 जुलाई : छत्तीसगढ़ के 18 साल पुराने मनरेगा घोटाला (MNREGA Scam) मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत कांकेर में तत्कालीन जिला पंचायत CEO समेत 8 अधिकारियों के खिलाफ करीब 6 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की है।
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1.69 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मामला
यह मामला वर्ष 2006-07 और 2007-08 के दौरान मनरेगा योजना के तहत आठ ग्राम पंचायतों में सामग्री खरीदी से जुड़ा है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में 1 करोड़ 69 लाख 14 हजार 247 रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप है।
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EOW की जांच में सामने आया कि तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन ने नियमों के विपरीत जिला स्तर पर सामग्री की केंद्रीकृत खरीदी कराई। जबकि नियमानुसार यह अधिकार संबंधित जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों के पास था।
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सामग्री खरीदी में नियमों की अनदेखी का आरोप
जांच के दौरान फ्लेक्सी बोर्ड, मस्टर रोल, रोजगार गारंटी योजना की गाइडलाइन, रोजगार उपलब्धता रजिस्टर, फाइल कवर सहित अन्य सामग्री की खरीदी में प्रक्रिया का पालन नहीं करने की बात सामने आई है।
इसके अलावा, EOW का कहना है कि आरोपियों ने कथित रूप से आपसी मिलीभगत कर निविदा और सरकारी खरीद नियमों का उल्लंघन किया। इससे सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
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तत्कालीन CEO समेत 8 अधिकारी आरोपी
मनरेगा घोटाला (MNREGA Scam) मामले में EOW ने तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन के अलावा तत्कालीन जनपद पंचायत CEO राधाकांत कर, गोवर्धन गजबल्ला, परदेशी राम मरकाम, भारत राम नेताम, रामकिशुन ध्रुव, जीआर ठाकुर और संवालदास बघेल को आरोपी बनाया है।
इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 409 और 420 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(C), 13(1)(D) और 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है।
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केपी देवांगन पर पहले भी दर्ज हैं मामले
जांच एजेंसी के अनुसार, मुख्य आरोपी केपी देवांगन के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े दो अन्य मामले भी पहले से दर्ज हैं।
वर्ष 2009 के मामले में उन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी कर अपात्र अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने का आरोप है।
वहीं, वर्ष 2010 के एक अन्य मामले में खरीद नियमों की अनदेखी कर 8.44 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। इन दोनों मामलों में भी अदालत में चालान पेश किया जा चुका है।
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चार्जशीट के बाद आगे बढ़ेगी न्यायिक प्रक्रिया
EOW की ओर से दाखिल चार्जशीट के बाद अब बहुचर्चित MNREGA Scam मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अब विशेष अदालत में आरोपों पर सुनवाई होगी। इसके बाद अदालत के निर्णय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



