सीजी भास्कर, 8 अगस्त 2026 : नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने ऐसा सख्त फैसला लिया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा (Balod News ) छेड़ दी है। गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए ग्रामसभा में शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन, निर्माण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ ही सूचना देने वालों को इनाम देने का भी प्रावधान किया गया है।
नशा किया तो 3500, बनाया तो 35 हजार
ग्रामसभा में तय नियमों के मुताबिक घर में शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते पकड़े जाने पर 3500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं अवैध शराब या नशीला पदार्थ बनाने पर 35 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है। इतना ही नहीं, नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देने वाले मुखबिर को 5 हजार रुपये का नकद इनाम भी दिया जाएगा।
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बालोद के इस गांव में लिया गया फैसला
यह मामला बालोद जिले के वनांचल क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुरडोंगर (मरकाटोला) का है। ग्रामीणों ने ग्रामसभा में सर्वसम्मति से नशे के खिलाफ यह फैसला लिया है। निर्णय की प्रति एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ और थाना प्रभारी को भी सौंप दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सख्ती से गांव में शांति और सामाजिक माहौल बेहतर होगा।
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युवाओं को नशे से बचाना मुख्य लक्ष्य
ग्राम पंचायत के उप सरपंच किशोर कुमार साहू ने बताया कि नशे की वजह से गांव में आए दिन पारिवारिक विवाद और मारपीट की घटनाएं होती थीं। इसका सबसे ज्यादा असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा था। इसी को रोकने के लिए ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि गांव को आदर्श और नशामुक्त बनाना है।
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महिलाओं और बच्चों को मिलेगी राहत
वरिष्ठ नागरिक सोमेश कुमार मरकाम ने कहा कि नशे के कारण परिवार की मेहनत की कमाई बर्बाद हो रही थी। अब प्रतिबंध लगने से परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। शिक्षक संजय कुमार बारले ने कहा कि शराब की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ती थी। नशे पर रोक लगने से घरेलू विवाद कम होने और गांव का माहौल शांत होने की उम्मीद है।
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आसपास के गांव भी ले रहे प्रेरणा
ग्रामीणों की इस पहल का असर अब आसपास के इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। सुरडोंगर के फैसले (Balod News) से आसपास के वनांचल क्षेत्रों के गांव भी नशामुक्ति अभियान चलाने पर विचार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखा जा सके।
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