सीजी भास्कर, 8 अगस्त 2026। भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल की मुश्किलें (Arun Pannalal) बढ़ गई हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मामले को लेकर राजधानी में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा बनी हुई है। भाजपा पदाधिकारियों की शिकायत के बाद दर्ज एफआईआर और पुलिस की कार्रवाई के बीच अब अदालत के फैसले पर भी लोगों की नजर है। पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच आगे बढ़ा रही है।

इसे भी पढ़ें : Rishabh Pant Land Request : जमीन के लिए ऋषभ पंत ने CM धामी से लगाई गुहार, मुख्यमंत्री ने दिया ये जवाब…
जमानत याचिका हुई खारिज Arun Pannalal
जानकारी के अनुसार भाजपा पदाधिकारियों की शिकायत पर अरुण पन्नालाल और हंसराज गोयल के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार करने के बाद सीजीएम आनंद सिंह की अदालत में पेश किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने उनकी जमानत याचिका नामंजूर कर दी। इसके बाद उन्हें 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मामला
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली कथित पोस्ट के संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित साक्ष्य जुटाए। इसके बाद अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी की गई।
मामले की जांच में साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तकनीकी साक्ष्यों और सामने आ रही जानकारियों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसे भी पढ़ें : DFO Transfer : वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 24 IFS अधिकारियों की नई पोस्टिंग, देखें पूरी जानकारी
हंसराज गोयल की भूमिका की भी जांच Arun Pannalal
मामले में सोशल मीडिया पर कथित पोस्ट से जुड़े हंसराज गोयल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज है। पुलिस अब उनकी सोशल मीडिया आईडी और उससे जुड़े अन्य विवरणों की जांच कर रही है।
साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल के मुताबिक जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय (Arun Pannalal) की जाएगी। पुलिस फिलहाल मामले से जुड़े तकनीकी और अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।
खबरें और भी हैं : CG TET Deadline 2028 : छत्तीसगढ़ के 75 हजार शिक्षकों पर बड़ा संकट, 31 अगस्त तक TET पास करना जरूरी



