सीजी भास्कर, 06 जुलाई : नकटी गांव प्रकरण (Nakti Case) को लेकर प्रदेश सरकार पर लगाए जा रहे कांग्रेस के आरोपों को वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। रायपुर स्थित भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथ्यों को छिपाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने और सरकार की छवि खराब करने का असफल प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की है और किसी भी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
कांग्रेस शासन में शुरू हुई थी भूमि आबंटन प्रक्रिया
केदार कश्यप ने कहा कि जिस भूमि को लेकर कांग्रेस आज राजनीति कर रही है, उसकी आबंटन प्रक्रिया 1 सितंबर 2020 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। राजस्व अभिलेखों में यह स्पष्ट दर्ज है कि भूमि को हाउसिंग बोर्ड को आबंटित किए जाने के लिए चिन्हित किया गया था। इसके बाद वहां अवैध कब्जे लगातार बढ़ते गए और लगभग 3 हेक्टेयर से बढ़कर 15 हेक्टेयर तक अतिक्रमण फैल गया।
प्रशासन ने पुनर्वास के लिए किए कई प्रयास
मंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन ने पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और व्यवस्थापन के लिए कई बार सहमति बनाने का प्रयास किया। कार्रवाई के दौरान भी संवेदनशीलता बरती गई और प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।
पूरे गांव को उजाड़ने का दावा भ्रामक
केदार कश्यप ने कांग्रेस के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें पूरे नकटी गांव को उजाड़ने की बात कही गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकटी गांव के 17 वार्डों में से केवल एक वार्ड में, जहां सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा था, वहीं प्रशासनिक कार्रवाई की गई। पूरे गांव को हटाए जाने का प्रचार पूरी तरह भ्रामक और राजनीतिक उद्देश्य से किया जा रहा है।
साय सरकार ने अपनाया मानवीय दृष्टिकोण
मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ग्राम सेरीखेड़ी में करीब 150 परिवारों को हटाया गया था, लेकिन उनके पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इसके विपरीत विष्णुदेव साय सरकार ने प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में आवास उपलब्ध कराया, मकानों की चाबी सौंपी और सम्मानपूर्वक उन्हें नए आवास तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की। उन्होंने कहा कि यही भाजपा और कांग्रेस सरकार के कार्य करने के तरीके का अंतर है।
विधायक कॉलोनी का दावा पूरी तरह झूठा
केदार कश्यप ने कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज किया कि संबंधित भूमि पर विधायक कॉलोनी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमि के उपयोग को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वर्तमान में भूमि राजस्व विभाग के अधीन है और भविष्य में उसका उपयोग हाउसिंग बोर्ड एवं संबंधित विभाग नियमानुसार तय करेंगे। विधायक कॉलोनी का प्रचार पूरी तरह भ्रामक है।
तथ्यों को छिपाकर राजनीति कर रही कांग्रेस
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच कांग्रेस सरकार के दौरान ही इस पूरी प्रक्रिया के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां और एनओसी जारी की गई थीं। उसी दौरान भूमि पर अतिक्रमण भी लगातार बढ़ा। आज कांग्रेस उन्हीं तथ्यों को छिपाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े सकारात्मक मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह झूठ और भ्रम की राजनीति कर रही है।
गरीबों के साथ अन्याय नहीं होने देगी सरकार
केदार कश्यप ने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है कि किसी भी गरीब, किसान या जरूरतमंद के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह नकटी मामले पर लोगों को भड़काने और सामाजिक वातावरण खराब करने की राजनीति बंद करे तथा तथ्यों के आधार पर ही अपनी बात रखे। प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास भी उपस्थित रहे।



