सीजी भास्कर, 23 जुलाई : राजधानी रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुए हिंसक टकराव के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि राजीव भवन प्रदर्शन (Rajiv Bhavan Protest) के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, कांच की बोतलें, लकड़ियां और जूते फेंके, जिससे 16 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए। मामले में खम्हारडीह थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस बैरिकेडिंग पर रुका प्रदर्शन
दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास घेराव की घटना के विरोध में भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन के घेराव का ऐलान किया था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खम्हारडीह थाना सहित विभिन्न थानों और रक्षित केंद्र से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव भवन से नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग तक पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
पथराव और बोतलें फेंकने का आरोप
एफआईआर के अनुसार, समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। इसके बाद राजीव भवन प्रदर्शन (Rajiv Bhavan Protest) के दौरान पुलिस पर पत्थर, कांच की बोतलें, लकड़ियां और जूते फेंके गए। इस घटना में पीएसआई देवराज सिंह के सिर में चोट आई, जबकि महिला आरक्षक सीमा बंजारे सहित कुल 16 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए।
12 नेताओं समेत अन्य पर एफआईआर
पुलिस ने इस मामले में सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खुबी डहरिया, सागर दुल्हानी, अजीज भिंसरा और अमित तिवारी सहित अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
घायल जवानों से मिले पुलिस कमिश्नर
घटना के बाद देर रात रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला अस्पताल पहुंचे और उपचाररत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।
प्रदर्शन के बाद बढ़ा राजनीतिक तनाव
गौरतलब है कि एक दिन पहले राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके अगले दिन भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और स्थिति हिंसक हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



