सीजी भास्कर, 23 जुलाई : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अतिथि शिक्षकों के धरना स्थल पर देर रात पुलिस ने कार्रवाई की। गेस्ट टीचर प्रोटेस्ट (Guest Teacher Protest) के तहत हिंदी भवन के सामने पिछले 22 दिनों से चल रहे धरने से पुलिस ने टेंट हटाकर जब्त कर लिया। इसके बाद गुरुवार सुबह धरना स्थल पहुंच रहे कई अतिथि शिक्षकों को पुलिस बसों में बैठाकर ले गई।
यह भी पढ़ें : Bhilai Water Supply : शिवनाथ नदी में जलकुंभी से प्लांट प्रभावित, आज कई इलाकों में पानी सप्लाई बाधित होने के आसार
भारी पुलिस बल तैनात, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर निगरानी
पुलिस कार्रवाई के बाद धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि नए प्रदर्शनकारी आंदोलन में शामिल न हो सकें। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी अतिथि शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है।
यह भी पढ़ें : Digital FIR Chhattisgarh : दुर्ग बना प्रदेश का पहला पूरी तरह डिजिटल FIR जिला, शिकायतकर्ता भी करेगा ई-साइन
चेतावनी के बाद देर रात हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार बुधवार को दिन में पुलिस अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की थी। पुलिस ने चेतावनी दी थी कि यदि धरना जारी रहा तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद शिक्षक अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे रहे, जिसके बाद देर रात पुलिस ने टेंट हटाने की कार्रवाई की।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे दोबारा धरना शुरू करने का प्रयास करेंगे। उनका आरोप है कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
यह भी पढ़ें : Suicide Abetment Case : शादी का दबाव बना युवती की मौत की वजह, हाईकोर्ट ने युवक को ठहराया दोषी
शिक्षा मंत्री के निवास का किया था घेराव
इससे पहले अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित निवास का करीब 24 घंटे तक घेराव किया था। मंत्री से बातचीत कराने के आश्वासन के बाद शिक्षक वहां से वापस लौटे थे और हिंदी भवन के सामने फिर से धरने पर बैठ गए थे।
शिक्षकों को उम्मीद थी कि चर्चा के बाद उनकी मांगों का समाधान निकलेगा, लेकिन कोई निर्णय नहीं होने के बाद आंदोलन जारी रहा। बुधवार दोपहर पुलिस बड़ी संख्या में जवानों के साथ धरना स्थल पहुंची थी और शाम तक आंदोलन समाप्त करने को कहा था।
यह भी पढ़ें : WhatsApp New Feature : इस एक सेटिंग से साइलेंट होंगी अनजान नंबरों की कॉल, स्कैम से मिलेगा बचाव
समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग
अतिथि शिक्षक संघ का कहना है कि उनका आंदोलन संविलियन, सेवा सुरक्षा, समान कार्य के बदले समान वेतन और मानदेय बढ़ाने जैसी मांगों को लेकर चल रहा है। संगठन का दावा है कि प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षक लंबे समय से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में भी अपनी सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद उनके भविष्य को लेकर कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई है।
यह भी पढ़ें : Bhilai Road Accident : तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराई, भिलाई में दो युवकों की दर्दनाक मौत
पुलिस ने किया फ्लैग मार्च Guest Teacher Protest
धरना स्थल पर कार्रवाई से पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की थी। इस दौरान क्षेत्र में फ्लैग मार्च भी किया गया। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया।
यह भी पढ़ें : Bango Dam Water Level : जलस्तर बढ़ा, गेट खोलने की तैयारी शुरू
आंदोलन जारी रखने का ऐलान Guest Teacher Protest
पुलिस कार्रवाई के बाद अतिथि शिक्षकों ने कहा कि केवल टेंट हटाने से उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक गेस्ट टीचर प्रोटेस्ट (Guest Teacher Protest) जारी रहेगा।
फिलहाल सरकार और अतिथि शिक्षक संघ के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में आंदोलन के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
यह भी पढ़ें : Krait Snake Bite : 6 वर्षीय मासूम की इलाज के दौरान मौत



