सीजी भास्कर, 16 अगस्त : गॉल टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 167 रन की यादगार पारी खेली। शानदार पारी के दम पर उन्होंने न सिर्फ भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए।
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डेब्यू टेस्ट के मौके को दोनों हाथों से भुनाया
चोटिल साई सुदर्शन की जगह नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने मिले मौके का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और पहले ही टेस्ट में शानदार शतक जड़ दिया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को यशस्वी जायसवाल के रूप में शुरुआती झटका लगा। इसके बाद पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ पारी को संभाला और दोनों के बीच 150 से अधिक रनों की साझेदारी हुई।
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230 गेंदों में बनाए 167 रन
पडिक्कल ने पहले दिन के आखिरी सेशन में अपना शतक पूरा किया। दूसरे दिन बारिश के कारण खेल देर से शुरू हुआ, लेकिन उन्होंने रन बनाने का सिलसिला जारी रखा।
स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ संभलकर बल्लेबाजी करते हुए पडिक्कल ने 230 गेंदों का सामना किया। उन्होंने 15 चौके और 1 छक्का लगाया। आखिरकार 92वें ओवर में प्रभात जयसूर्या ने उनकी पारी का अंत किया। आउट होने से पहले पडिक्कल 167 रन बना चुके थे।
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द्रविड़ और पुजारा के खास क्लब में एंट्री
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 150 से ज्यादा रन बनाने वाले पडिक्कल सिर्फ तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा ही यह उपलब्धि हासिल कर सके थे।
राहुल द्रविड़ ने अहमदाबाद में 2009 में 177 रन बनाए थे, जबकि चेतेश्वर पुजारा ने 2017 में गॉल में 153 रन की पारी खेली थी। श्रीलंका की धरती पर नंबर-3 पर किसी भारतीय बल्लेबाज का यह सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है।
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24 साल बाद बाएं हाथ के बल्लेबाज ने किया कमाल
21वीं सदी में भारत के लिए नंबर-3 पर शतक लगाने वाले पडिक्कल सिर्फ दूसरे बाएं हाथ के बल्लेबाज बने हैं। उनसे पहले सौरव गांगुली ने 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में नंबर-3 पर शतक लगाया था।
इसके अलावा भारतीय टीम के लिए नंबर-3 की पोजीशन पर पिछले 35 टेस्ट पारियों के बाद यह पहला शतक है। इससे पहले सितंबर 2024 में शुभमन गिल ने बांग्लादेश के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में इस नंबर पर शतक लगाया था।
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पडिक्कल की पारी ने टीम को दी मजबूती
देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की पारी ने भारतीय टीम को गॉल टेस्ट में मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। लंबे समय बाद नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए किसी भारतीय बल्लेबाज की ऐसी प्रभावशाली पारी देखने को मिली है।
पडिक्कल ने इस पारी के जरिए न सिर्फ अपनी प्रतिभा साबित की, बल्कि भारतीय टेस्ट टीम में अपनी दावेदारी भी मजबूत कर दी है। देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal 167 Runs) की यह पारी उनके टेस्ट करियर के लिए लंबे समय तक याद रखी जा सकती है।
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