सीजी भास्कर, 19 अगस्त : छत्तीसगढ़ में किसानों को खेती-किसानी के लिए इस साल 904 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सहकारी बैंक के जरिए किसानों को नगद और वस्तु ऋण दिया गया है। सरकार ने सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने के साथ किसानों को समय पर ऋण और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
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सहकारी बैंक के कामकाज की समीक्षा
वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में बैठक लेकर बैंक के कामकाज और किसानों के हित में संचालित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को समय पर ऋण और अन्य सुविधाओं का लाभ देने के निर्देश दिए। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
पांच जिलों में खुलीं 47 नई समितियां
बैठक में बताया गया कि पांच जिलों में 47 नई सहकारी समितियां खोली गई हैं। इनमें अकेले बिलासपुर जिले में 16 समितियां शामिल हैं। मंत्री ने इन नई समितियों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को स्थानीय स्तर पर सहकारिता से जुड़ी सेवाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने समितियों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
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किसानों को 904 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2026 में किसानों को 73,207.17 लाख रुपये का नगद ऋण और 17,273.35 लाख रुपये का वस्तु ऋण वितरित किया गया है। इस तरह किसानों को कुल 90,480.52 लाख रुपये यानी 904 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई।
Farmers Loan के तहत ऋण वितरण की समीक्षा करते हुए मंत्री ने पात्र किसानों को समय पर ऋण देने और सहकारी बैंक की सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
31 अगस्त तक पैक्स का कंप्यूटराइजेशन पूरा करने के निर्देश
बैठक में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों यानी पैक्स के कंप्यूटरीकरण की भी समीक्षा की गई। कुछ समितियों में डेटा एंट्री का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। मंत्री ने 31 अगस्त तक सभी पैक्स में डेटा एंट्री और कंप्यूटराइजेशन का काम शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कंप्यूटराइजेशन से समितियों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ने के साथ किसानों को डिजिटल सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी।
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‘सहकार से समृद्धि’ योजना की प्रगति भी जांची
मंत्री केदार कश्यप ने ‘सहकार से समृद्धि’ योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सहकारिता के जरिए किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। कॉमन सर्विस सेंटर की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी केंद्रों में आईडी बनाने को कहा गया।
बैठक में अन्न भंडारण योजना और गोदाम निर्माण कार्यों की भी समीक्षा हुई। अधूरे गोदामों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि इनका उपयोग किसानों और सहकारी समितियों के हित में किया जा सके।
किसान क्रेडिट कार्ड का बढ़ेगा प्रचार
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने पात्र किसानों को योजना से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और अभियान चलाने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि अधिक से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने से उन्हें कृषि कार्यों के लिए समय पर ऋण सुविधा मिल सकेगी।
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लंबित मामलों के समयबद्ध निराकरण पर जोर
बैठक में ऋण वितरण समितियों की स्थिति, लंबित अल्पकालीन कृषि ऋण, ब्याज अनुदान, माइक्रो एटीएम और सीएम हेल्पलाइन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को सहकारिता विभाग की सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।




