सीजी भास्कर, 26 अगस्त : छत्तीसगढ़ में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की तैयारी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन (Chhattisgarh Tourism) को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में फिल्म सिटी और चित्रकोट में टेंट सिटी विकसित की जाएगी। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और विभागीय सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने अटल नगर, नवा रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

चित्रकोट में 25 करोड़ की टेंट सिटी Chhattisgarh Tourism
बस्तर में छत्तीसगढ़ पर्यटन (Chhattisgarh Tourism) को बढ़ावा देने के लिए चित्रकोट के पास 25 करोड़ रुपए की लागत से टेंट सिटी विकसित करने की योजना है। चित्रकोट को भारत सरकार की ‘वन स्टेट वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ पहल के तहत प्रस्तावित किया गया है। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के लिए 45 युवाओं को आईआईटीटीएम ग्वालियर से नि:शुल्क गाइड प्रशिक्षण भी दिलाया गया है।
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नवा रायपुर में 350 करोड़ की फिल्म सिटी
नवा रायपुर में 350 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी का निर्माण जारी है। सरकार छत्तीसगढ़ में बनने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी देने की योजना पर भी काम कर रही है। इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलने और स्थानीय कलाकारों व तकनीकी विशेषज्ञों के लिए नए अवसर बनने की उम्मीद है।
होमस्टे से गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन
प्रदेश में होमस्टे नीति 2025-30 लागू है। इसके तहत सात जिलों के 85 लोगों का होमस्टे विकास के लिए चयन किया गया है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, खान-पान और ग्रामीण जीवन से जोड़ना है। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए आय के नए साधन विकसित करना है।
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धार्मिक और विरासत पर्यटन पर भी जोर
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अगले चरण में 31 स्थानों का चयन किया गया है। वहीं सिरपुर को विश्व धरोहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी पहल जारी है।
पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो की तैयारी के साथ पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण का काम भी किया जा रहा है। इन योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
कलाकारों और संस्कृति के संरक्षण पर फोकस
सरकार ने कलाकारों को प्रोत्साहन देने और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया है। पिछले ढाई साल में विभिन्न योजनाओं के तहत कलाकारों को आर्थिक सहायता दी गई है।
पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के सम्मान में राज्य अलंकरण पुरस्कार की घोषणा भी की गई है। सरकार का कहना है कि पर्यटन के साथ कला और संस्कृति को बढ़ावा देकर प्रदेश की अलग पहचान को मजबूत किया जाएगा।
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