सीजी भास्कर, 26 अगस्त : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC Scam) से जुड़े कथित भर्ती घोटाले के मामले में जेल में बंद पूर्व अध्यक्ष और रिटायर्ड IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। ब्रेडीकार्डिया की स्थिति बनने के बाद उन्हें रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट, अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी के बाद उनके उपचार के लिए पेसमेकर लगाया गया। फिलहाल उनकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
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18 अगस्त को अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक 18 अगस्त को टामन सिंह सोनवानी की तबीयत अचानक खराब हुई। उन्हें ब्रेडीकार्डिया की शिकायत हुई, जिसमें हृदय की धड़कन सामान्य से काफी धीमी हो जाती है। स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया और कार्डियक विशेषज्ञों की निगरानी में भर्ती किया गया।
करीब 24 घंटे तक चिकित्सकीय निगरानी के बाद हार्ट अटैक की आशंका को देखते हुए पेसमेकर लगाने का फैसला लिया गया। पेसमेकर हृदय की धड़कन को सामान्य गति बनाए रखने में मदद करता है। इसके बाद उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
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जेल में बंद हैं पूर्व PSC चेयरमैन
टामन सिंह सोनवानी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष हैं। वह वर्तमान में CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और धनशोधन से जुड़े मामलों की जांच का सामना कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच भी मामले से जुड़ी है।
CGPSC Scam मामले में एजेंसियों की कार्रवाई के बाद सोनवानी न्यायिक हिरासत में हैं। स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें जेल से अस्पताल लाया गया, जहां कार्डियक विशेषज्ञों की देखरेख में उपचार किया गया।
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भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और लेन-देन के आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितताएं हुईं और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाया गया। आरोपों में डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर चयन को प्रभावित करने और कथित अवैध लेन-देन की बात शामिल है।
जांच एजेंसियां भर्ती प्रक्रिया, अभ्यर्थियों के चयन और कथित आर्थिक लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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CBI और ED भी कर चुकी हैं कार्रवाई
मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी कार्रवाई कर चुकी है। एजेंसी ने CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोपों के आधार पर सोनवानी के खिलाफ कार्रवाई की थी। बाद में धनशोधन से जुड़े पहलुओं की जांच ED ने शुरू की।
CGPSC Scam की जांच के दौरान एजेंसियों ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, चयन और कथित आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की पड़ताल की है।
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18 रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने का आरोप
CBI की जांच में टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल के दौरान हुई भर्तियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। जांच एजेंसी का आरोप है कि सोनवानी ने अपने करीबी रिश्तेदारों समेत कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के कुल 18 रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने में भूमिका निभाई।
एजेंसी ने जांच के दौरान कथित पैसों के लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मिलने का भी दावा किया है। हालांकि, यह मामला अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया में है। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत के फैसले के बाद ही होगी।




