सीजी भास्कर, 26 अगस्त : उम्र को महज एक आंकड़ा मानते हुए कोंडागांव के दो बुजुर्ग धावक अब लद्दाख मैराथन (Ladakh Marathon) की कठिन चुनौती के लिए तैयार हैं। 58 वर्षीय संतोष साहू और 70 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक ज्वाला प्रसाद शर्मा 13 सितंबर को 42.195 किलोमीटर की फुल मैराथन दौड़ेंगे। दोनों धावक इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ और कोंडागांव का प्रतिनिधित्व करेंगे।

नंगे पैर दौड़कर जीत चुके हैं स्वर्ण पदक Ladakh Marathon
पेशे से मैकेनिक संतोष साहू को लोग प्यार से संतु के नाम से जानते हैं। वह पहले भी कई दौड़ प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। अंडमान में आयोजित 10 किलोमीटर मैराथन में उन्होंने समुद्र किनारे नंगे पैर दौड़ लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया था। अब वह लद्दाख मैराथन (Ladakh Marathon) की कठिन चुनौती को पूरा करने के लिए लगातार तैयारी कर रहे हैं।
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11,500 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर होगी परीक्षा
लद्दाख मैराथन समुद्र तल से करीब 11,500 फीट से अधिक की ऊंचाई पर आयोजित होती है। इतनी ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन, पथरीले रास्ते, ठंड और बदलता मौसम धावकों की शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती की भी परीक्षा लेते हैं। ऐसे चुनौतीपूर्ण वातावरण में 42.195 किलोमीटर की फुल मैराथन पूरी करना आसान नहीं होता। संतोष साहू और ज्वाला प्रसाद शर्मा की उम्र के इस पड़ाव पर यह चुनौती स्वीकार करना युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।
युवाओं को दिया नशे से दूर रहने का संदेश
संतोष साहू का कहना है कि उम्र किसी काम के लिए बहाना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और रोज कम से कम एक किलोमीटर दौड़ने की आदत डालने का संदेश दिया। उनका कहना है कि शरीर भी एक इंजन की तरह है और इसे स्वस्थ रखने के लिए रोज चलाना जरूरी है। नियमित दौड़ और व्यायाम से शरीर को सक्रिय रखा जा सकता है।
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4 सितंबर को लद्दाख के लिए रवाना होंगे
संतोष साहू 4 सितंबर को कोंडागांव से लद्दाख के लिए रवाना होंगे। लद्दाख मैराथन (Ladakh Marathon) 13 सितंबर को आयोजित होगी। लद्दाख पहुंचने के बाद वह करीब एक सप्ताह वहां रहकर शरीर को ऊंचाई और मौसम के अनुकूल ढालने की तैयारी करेंगे।
वहीं 70 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक ज्वाला प्रसाद शर्मा का जज्बा भी युवाओं के लिए प्रेरणा बना हुआ है। दोनों धावकों का लक्ष्य कठिन परिस्थितियों के बावजूद पूरी मैराथन सफलतापूर्वक पूरी करना है।
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