सीजी भास्कर, 26 अगस्त : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi-Kharge Letter) ने जाति जनगणना की प्रक्रिया को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। दोनों नेताओं ने जनगणना में जातियों के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया और पूछे जाने वाले सवालों में बदलाव की मांग की है। कांग्रेस ने प्रक्रिया तय करने से पहले राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से सुझाव लेने की मांग की है।

‘पिछड़ा वर्ग’ शब्द के स्पष्ट उल्लेख पर सवाल Rahul Gandhi-Kharge Letter
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनगणना के सवालों में ‘पिछड़ा वर्ग’ शब्द का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे देश में ओबीसी आबादी का सही आंकड़ा जुटाने में परेशानी हो सकती है। कांग्रेस ने जातियों के नाम दर्ज करने के लिए एक समान प्रक्रिया और तय सूची या ड्रॉप-डाउन विकल्प अपनाने की मांग की है।
अलग-अलग नाम दर्ज होने से आंकड़ों में अंतर की आशंका
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक ही जाति अगर अलग-अलग नाम या उपजातियों के नाम से दर्ज होती है तो आबादी के आंकड़ों में अंतर आ सकता है। इसका असर पिछड़े, अति पिछड़े और अन्य वंचित समुदायों के लिए बनाई जाने वाली सरकारी योजनाओं और नीतियों पर पड़ सकता है। कांग्रेस ने सरकारी जाति सूचियों और भारतीय मानवशास्त्र सर्वेक्षण के आधार पर जातियों के नाम दर्ज करने का सुझाव दिया है।
यह भी पढ़ें…Rahul Gandhi-Kharge Letter : जाति जनगणना पर मोदी सरकार से बदलाव की मांग
तेलंगाना-बिहार की प्रक्रिया का दिया उदाहरण
पत्र में तेलंगाना और बिहार में अपनाई गई जाति सर्वेक्षण प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। कांग्रेस के मुताबिक जातियों की पहचान और आंकड़े दर्ज करने की प्रक्रिया पूरे देश में एक समान होनी चाहिए। इससे सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े अधिक सटीक तरीके से सामने आ सकेंगे। जाति जनगणना (Caste Census) को लेकर कांग्रेस ने इसी एकरूपता को जरूरी बताया है।
जनगणना-2027 की प्रश्नावली में 40 सवाल
जनगणना-2027 के लिए जारी प्रश्नावली में कुल 40 सवाल शामिल किए गए हैं। जाति से जुड़ा सवाल नंबर 10 पर है, जिसमें एससी, एसटी और अन्य जातियों से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। कांग्रेस ने इसी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए इसमें बदलाव की मांग की है। राहुल गांधी और खड़गे का कहना है कि जाति जनगणना (Caste Census) की प्रक्रिया पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से तय होनी चाहिए, ताकि सामने आने वाले आंकड़े भविष्य की नीतियों के लिए भरोसेमंद आधार बन सकें।
खबरें और भी हैं…Eid Milad Un Nabi : सिहावा में धूमधाम से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, गूंजे अमन और भाईचारे के संदेश



