सीजी भास्कर, 26 अगस्त। नगर पालिका परिषद के इतिहास में पहली बार मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने मुख्यालय में रहकर प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने की पहल (Ahivara Nagar Palika) की है। वर्तमान सीएमओ प्रवीण सिंह गहलोत ने नगर पालिका परिसर स्थित शासकीय आवास में निवास करने का निर्णय लिया है, जिसे नगरवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नगरवासियों को उम्मीद है कि अधिकारी की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता से सड़क, नाली, पानी, सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत समस्याओं के निराकरण में तेजी आएगी।

1984 से अब तक पहली बार मुख्यालय में सीएमओ का निवास Ahivara Nagar Palika
अहिवारा पंचायत वर्ष 1984 में नगर पंचायत के रूप में अस्तित्व में आई थी। इसके बाद इसे नगर पालिका परिषद का स्वरूप मिला। हालांकि नगर निकाय के गठन के बाद से अब तक मुख्य नगर पालिका अधिकारी के मुख्यालय में निवास करने की व्यवस्था व्यवहारिक रूप से दिखाई नहीं दी।
ऐसे में वर्तमान सीएमओ प्रवीण सिंह गहलोत का नगर पालिका क्षेत्र में ही निवास करने का फैसला प्रशासनिक दृष्टि से एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।
नगर पालिका परिसर में उपलब्ध है शासकीय आवास
नगर पालिका परिसर में सीएमओ और इंजीनियर के लिए शासन द्वारा शासकीय आवास की व्यवस्था की गई है। बताया गया कि नगर पालिका के कुछ कर्मचारी अन्य स्थानों पर निवास कर रहे हैं, जिनके आवास का किराया नगर पालिका द्वारा वहन किया जाता है।
इस बीच सीएमओ प्रवीण सिंह गहलोत ने अन्य सुविधायुक्त आवासीय विकल्पों के बजाय वार्ड क्रमांक 11 स्थित शासकीय आवास में रहना उचित समझा। इस संबंध में उन्होंने कहा कि जब शासन ने सीएमओ और इंजीनियर के लिए आवास की व्यवस्था की है, तो उसका उपयोग किया जाना चाहिए।
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मुख्यालय में रहकर समझेंगे नगर की जमीनी जरूरतें
सीएमओ गहलोत का कहना है कि अधिकारी जब तक मुख्यालय में रहकर नगर क्षेत्र को करीब से नहीं देखेगा, तब तक स्थानीय जरूरतों और विकास कार्यों की वास्तविक प्राथमिकताओं को समझना मुश्किल होगा।
उनके अनुसार केवल बाहर से आकर कार्यालय में बैठकर योजनाओं और फाइलों का अध्ययन करने से नगर की वास्तविक स्थिति का पूरा आकलन नहीं हो सकता। मुख्यालय में रहने से क्षेत्र की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने और उनके समाधान के लिए तेजी से पहल करने में मदद मिलेगी।
आम नागरिकों को अधिकारी से सीधे संपर्क की सुविधा
मुख्यालय में सीएमओ की उपलब्धता से नगरवासियों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारी तक पहुंचाने में सुविधा होगी। सड़क, नाली, पेयजल, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं पर त्वरित ध्यान दिए जाने की संभावना बढ़ेगी।
इसके अलावा आपातकालीन या तत्काल ध्यान देने वाले मामलों में भी अधिकारी की स्थानीय उपलब्धता प्रशासन के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
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ईंधन बचत और अनावश्यक आवागमन में भी कमी
सीएमओ का मुख्यालय में निवास करना ईंधन बचत और अनावश्यक दैनिक आवागमन को कम करने की दिशा में भी सकारात्मक पहल माना जा रहा है। रोजाना दूसरे स्थान से कार्यालय आने-जाने के बजाय नगर पालिका के शासकीय आवास में रहने से वाहन के उपयोग और ईंधन की खपत में कमी आ सकती है।
इस तरह यह पहल प्रशासनिक सक्रियता के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर उपयोग और ईंधन बचत में भी सहयोग कर सकती है।
प्रशासन और जनता के बीच दूरी होगी कम
नगरवासियों के लिए अधिकारी का मुख्यालय में उपलब्ध रहना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आम नागरिकों और प्रशासन के बीच संपर्क बेहतर हो सकता है। स्थानीय समस्याओं की जानकारी समय पर मिलने और मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने में भी आसानी होगी।
वर्तमान सीएमओ प्रवीण सिंह गहलोत की इस पहल को केवल शासकीय आवास में निवास करने के निर्णय तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसे मुख्यालय में रहकर नगर की जमीनी जरूरतों को समझने, प्रशासन की पहुंच बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
यदि यह व्यवस्था निरंतर बनी रहती है तो आने वाले समय में अहिवारा नगर पालिका के प्रशासनिक कामकाज और विकास कार्यों पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
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रिपोर्टर : गोवर्धन प्रसाद ताम्रकार




