सीजी भास्कर, 28 अगस्त। डेंगू में बच्चों का बुखार उतरने पर माता-पिता अक्सर राहत महसूस (Dengue in Children) करते हैं, लेकिन यही समय सबसे ज्यादा सावधानी बरतने का हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, बुखार कम होने के बाद के 24 से 48 घंटे डेंगू का क्रिटिकल फेज माने जाते हैं।
इस दौरान कुछ बच्चों में शरीर से तरल पदार्थ के रिसाव, ब्लड प्रेशर कम होने और ब्लड फ्लो प्रभावित होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए केवल बुखार उतरने को पूरी तरह ठीक होने का संकेत नहीं मानना चाहिए।
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इन लक्षणों पर रखें नजर Dengue in Children
रिकवरी के दौरान बच्चे को पर्याप्त तरल पदार्थ मिल रहा है या नहीं और पेशाब सामान्य हो रहा है या नहीं, इस पर ध्यान देना जरूरी है। लगातार उल्टी, पेट दर्द, अत्यधिक सुस्ती और कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
नाक या मसूड़ों से खून आना, सांस लेने में परेशानी, त्वचा का ठंडा या पीला पड़ना और बेहोशी जैसे संकेत दिखने पर तुरंत डॉक्टर (Dengue in Children) से संपर्क करना चाहिए।
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सिर्फ प्लेटलेट्स देखकर न करें स्थिति का आकलन
डॉक्टरों के अनुसार, केवल प्लेटलेट्स की संख्या से बच्चे की स्थिति का सही आकलन नहीं किया जा सकता। मरीज के लक्षण, ब्लड प्रेशर, हेमाटोक्रिट और पेशाब की मात्रा समेत कई बातों को देखकर स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है।
बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न दें और बच्चे को पर्याप्त आराम व तरल पदार्थ दें। डेंगू में बुखार उतरने के बाद भी नियमित निगरानी और समय पर डॉक्टर की सलाह बेहद जरूरी है।
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