सीजी भास्कर, 25 अगस्त : देश में स्वाइन फ्लू (Swine Flu) के मामले बढ़ने के बीच अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी जैसे गंभीर लक्षण भी सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू (Swine Flu) के मरीजों को लक्षणों के आधार पर तीन कैटेगरी में बांटकर इलाज की स्थिति समझाई है।

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कैटेगरी A: हल्के लक्षण वाले मरीज
गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के यूनिट हेड डॉ. सतीश कौल के अनुसार, कैटेगरी A में हल्के लक्षण वाले मरीज आते हैं। इनमें खांसी, जुकाम, शरीर में दर्द और हल्का बुखार जैसे लक्षण हो सकते हैं। ज्यादातर मरीज 3 से 5 दिनों में आराम और सामान्य इलाज से ठीक हो जाते हैं। ऐसे मामलों में आमतौर पर जांच या एंटीवायरल दवा की जरूरत नहीं होती।
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कैटेगरी B: ज्यादा जोखिम वाले मरीज
कैटेगरी B में ऐसे मरीज शामिल हैं जिन्हें तेज बुखार है और जो गर्भवती हैं या डायबिटीज, हृदय रोग जैसी किसी बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों को डॉक्टर की सलाह से Oseltamivir (Tamiflu) दी जा सकती है। इसके लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार जरूरी नहीं माना जाता।
इस दौरान मरीजों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, हाथ साफ रखने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से दूर रहने की सलाह दी जाती है। समय पर उपचार शुरू होने से लक्षणों को गंभीर होने से रोकने में मदद मिल सकती है।
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कैटेगरी C: गंभीर लक्षण वाले मरीज
कैटेगरी C के मरीजों में खतरा सबसे ज्यादा होता है। तेज बुखार के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या खांसी में खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे गंभीर स्थिति का संकेत माना जा सकता है।
ऐसे मरीजों को स्वाइन फ्लू (Swine Flu) के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचना चाहिए। डॉक्टर की सलाह से एंटीवायरल उपचार जल्द शुरू किया जा सकता है।
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कब तुरंत अस्पताल जाएं
अगर सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार के लक्षण लगातार बढ़ रहे हैं, सांस लेने में परेशानी हो रही है, सीने में दर्द है या खांसी के साथ खून आ रहा है तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को लक्षणों को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
डॉक्टरों के अनुसार गंभीर स्थिति में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या कम है, लेकिन लक्षण बिगड़ने पर समय पर इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है। स्वाइन फ्लू (Swine Flu) से बचाव के लिए संक्रमित लोगों से दूरी, हाथों की स्वच्छता और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है।
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