सीजी भास्कर, 30 अगस्त 2026 : चंपारण में राम वनगमन पथ (Ram Van Gaman Path) के तहत विकसित पर्यटन परिसर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी बदहाल नजर आ रहा है। यहां भगवान राम की 25 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है, लेकिन पर्यटकों के लिए बनाई गई कई सुविधाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं। करीब 4.50 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद परिसर की हालत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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शाम होते ही अंधेरे में डूब जाती है प्रतिमा
रायपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर चंपारण में चंपेश्वर महादेव मंदिर के पीछे यह परिसर विकसित किया गया है। प्रतिमा के आसपास रोशनी के लिए लाइटें लगाई गई हैं, लेकिन शाम होते ही इनके बंद रहने से पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है।
कैफेटेरिया, शौचालय और पर्यटन सूचना केंद्र जैसी सुविधाओं पर भी ताले लगे हुए हैं। परिसर का प्रवेश द्वार भी बंद बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक परिसर विकसित होने के बाद भी पर्यटकों की आवाजाही बेहद कम है।
गंदगी और गिरे पेड़ों से बदहाल परिसर
परिसर के आसपास गंदगी और गिरे हुए पेड़ों के कारण भी स्थिति खराब नजर आती है। स्थानीय निवासी सुरेश द्विवेदी के मुताबिक दिन के समय यहां कुछ असामाजिक तत्वों की आवाजाही भी रहती है। राम वनगमन पथ (Ram Van Gaman Path) के तहत विकसित इस स्थल पर सुविधाएं शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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29 अगस्त 2023 को हुआ था उद्घाटन
ग्वालियर में तैयार की गई भगवान राम की प्रतिमा और परिसर में विकसित अन्य सुविधाओं का उद्घाटन 29 अगस्त 2023 को किया गया था। उस समय परिसर को रोशनी और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाओं से लैस करने की बात कही गई थी।
हालांकि करीब तीन साल बाद भी कैफेटेरिया और पर्यटन सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। इससे करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पर्यटन स्थल के अपेक्षित विकास पर सवाल उठ रहे हैं।
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धार्मिक मान्यता से जुड़ा है चंपारण
चंपारण धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार वनवास के दौरान भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या से दक्षिण की ओर जाते समय दंडकारण्य क्षेत्र से होकर गुजरे थे।
मान्यता है कि उन्होंने चंपारण के प्राचीन जंगल में विश्राम किया और यहां चंपेश्वर महादेव शिवलिंग की स्थापना कर पूजा की थी। इसी धार्मिक मान्यता के कारण चंपारण को पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।
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सरकार ने जल्द सुविधाएं शुरू कराने का दिया भरोसा
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत विकसित स्थलों पर जो सुविधाएं अब तक शुरू नहीं हो पाई हैं, उन्हें जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने अधूरे कार्यों को भी पूरा कराने का भरोसा दिया। राम वनगमन पथ (Ram Van Gaman Path) के इस परिसर में सुविधाएं शुरू होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने और धार्मिक पर्यटन को गति मिलने की उम्मीद है।
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