100 रुपए पंजीयन के बाद 4 हजार रुपए तक के उत्पाद देने का आरोप
बालोद जिले के डौंडीलोहारा ब्लॉक के कोरगुड़ा गांव में बिना अनुमति लगाए गए कथित मेडिकल कैंप को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिविर में 100 रुपए पंजीयन शुल्क लेकर बीपी, शुगर, थायराइड, लिवर और हार्ट से जुड़ी जांच की गई। इसके बाद अलग-अलग बीमारियों का हवाला देकर 1 हजार से 4 हजार रुपए तक की दवाइयां और हेल्थ प्रोडक्ट दिए गए। (Balod Unauthorized Medical Camp)
शिविर के प्रचार के लिए लगाए गए फ्लैक्स में स्थानीय विधायक अनिला भेड़िया की फोटो भी इस्तेमाल की गई थी। इसमें 8 हजार रुपए से अधिक खर्च होने वाला इलाज 100 रुपए में किए जाने का दावा किया गया था। पंचायत का कहना है कि शिविर के लिए न तो आवेदन दिया गया और न ही अनुमति ली गई थी।
पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वाहन, दवाइयां, हेल्थ प्रोडक्ट, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य सामग्री समेत कुल 7 लाख 18 हजार 597 रुपए का सामान जब्त किया गया है।
शिकायत के बाद चार आरोपी गिरफ्तार : Balod Unauthorized Medical Camp
मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी तरुण नाथ योगी ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई निवासी राजेश कुमार कोठारी, भिलाई निवासी टी. वेंकटेश राव, कवर्धा निवासी सुरेन्द्र पटेल और दुर्ग निवासी मोहित कुमार रक्सेल को गिरफ्तार किया। चारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार शिविर में ‘100 बीमारी का 1 इलाज’ बताकर कई बीमारियों के उपचार का दावा किया जा रहा था। इनमें बीपी, शुगर, हार्ट-लिवर, किडनी, गुप्त रोग, माइग्रेन, त्वचा, जोड़ों के दर्द, मोटापा और कमजोरी जैसी समस्याओं के इलाज का दावा शामिल था।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस कर रहे दस्तावेजों की जांच
बालोद एसडीओपी विनय कुमार साहू के मुताबिक जब्त सामग्री की कुल कीमत 7 लाख 18 हजार 597 रुपए है। पुलिस संस्था की वैधता, शिविर की अनुमति, दवाइयों और हेल्थ प्रोडक्ट से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
सीएमएचओ डॉ. जेएल उइके ने बताया कि मेडिकल कैंप लगाने से पहले स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लेना जरूरी है। संबंधित लोगों ने विभाग से अनुमति नहीं ली थी। अब यह भी जांच की जा रही है कि शिविर में लोगों की जांच करने वालों के पास आवश्यक योग्यता और वैध अनुमति थी या नहीं।
ग्रामीणों से लिए गए पैसों की भी होगी जांच
ग्राम पंचायत कोरगुड़ा के उपसरपंच विजय कुमार यादव ने बताया कि पंचायत को शिविर की पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी। पंचायत भवन में कैंप लगाने के लिए आवेदन या अनुमति नहीं ली गई थी। आयोजकों पर पंचायत भवन की बिजली का इस्तेमाल करने का भी आरोप है।
ग्रामीण हिना देवांगन ने बताया कि वह सिर घूमने, चक्कर और कमजोरी की शिकायत लेकर शिविर में पहुंची थीं। उनके अनुसार उन्हें कुछ उत्पाद देकर 2,400 रुपए लिए गए। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि प्रचार के दौरान हैदराबाद से डॉक्टरों के आने और कम शुल्क में जांच होने की बात कही गई थी।
अब पुलिस संस्था के दस्तावेज, जब्त उत्पादों की पैकेजिंग और लेबल, बिल-रसीद, भुगतान रिकॉर्ड तथा ग्रामीणों से ली गई राशि की जांच कर रही है। संस्था प्रमुख के. रत्नम से भी संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



