सीजी भास्कर, 4 अक्टूबर : पीतल को सोना बताकर कारोबारी से लाखों रुपये ऐंठने वाले गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने करीब 85 ग्राम नकली आभूषणों को असली सोना बताकर गिरवी रखा और कारोबारी से 8.25 लाख रुपए की ठगी (Fake Gold Fraud) कर ली। मामले में दो पुरुषों और एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
सिटी कोतवाली पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने उनके कब्जे से 84.880 ग्राम नकली सोने के आभूषण और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
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दो किस्तों में ऐंठे 8.25 लाख
पुलिस के अनुसार, भोई पारा निवासी पवन कुमार जैन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक 28 और 30 सितंबर को एक महिला और पुरुष श्री शिवम मॉल स्थित दुकान पर पहुंचे थे। दोनों ने करीब 84.880 ग्राम वजन के आभूषणों को असली सोना बताकर गिरवी रखा। इसके बदले कारोबारी से दो किस्तों में कुल 8 लाख 25 हजार रुपए लिए गए। बाद में जब आभूषणों की जांच कराई गई तो उनके नकली होने का खुलासा हुआ। इसके बाद कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
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जांच में खुला पूरा नेटवर्क
शिकायत मिलते ही पुलिस ने नकली सोने की ठगी (Fake Gold Fraud) को गंभीरता से लेते हुए अपराध दर्ज किया और तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए आरोपियों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने रायपुर निवासी रमेश कुमार और दुर्ग निवासी मीनाक्षी बाघ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों से नकली आभूषणों की व्यवस्था करने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली।
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कबीर नगर से जुड़ा तीसरा आरोपी
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि नकली आभूषणों का इंतजाम कबीर नगर, रायपुर निवासी राजेश अग्रवाल ने किया था। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर राजेश अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी (Fake Gold Fraud) की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और इसी तरह की दूसरी वारदातों के संबंध में भी जांच कर रही है।
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नकली जेवर और 4 मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा 84.880 ग्राम नकली सोने के आभूषण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले भी किसी अन्य कारोबारी या सराफा व्यवसायी को इसी तरीके से निशाना बनाया था या नहीं।
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कारोबारियों को पुलिस की चेतावनी
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि सोने-चांदी के आभूषणों की खरीद-बिक्री या गिरवी रखने से पहले उनकी शुद्धता की विश्वसनीय माध्यम से जांच जरूर कराएं। पुलिस के अनुसार फर्जी सोने की ठगी (Fake Gold Fraud) जैसे मामलों में थोड़ी सी लापरवाही से बड़ी आर्थिक क्षति हो सकती है। इसलिए आभूषण की जांच और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही लेन-देन करना चाहिए।
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अंतरजिला गिरोह का खुलासा
मामले में रायपुर और दुर्ग से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है। अंतरजिला ठगी गिरोह (Fake Gold Fraud) के संभावित कनेक्शन और आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद नकली आभूषणों के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का एक नेटवर्क सामने आया है। अब जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि आरोपियों ने कितनी और वारदातों को अंजाम दिया है।
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