सीजी भास्कर, 10 अक्टूबर : ट्रांसफर आदेशों की अनदेखी और निर्धारित समय पर नई पदस्थापना पर ज्वाइन नहीं करना अधिकारियों को भारी पड़ गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तीन अधिकारियों को निलंबित (Chhattisgarh CEO Suspended) कर दिया है। इनमें मुंगेली, बेमेतरा और बिलासपुर जिले में पदस्थ जनपद पंचायत के अधिकारी शामिल हैं। कार्रवाई सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन और शासकीय आदेशों की अवहेलना के आधार पर की गई है।
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तीन अधिकारियों पर कार्रवाई
निलंबन के बाद जनपद पंचायत पथरिया, मुंगेली के तत्कालीन सीईओ नदीप प्रधान का मुख्यालय जिला पंचायत सूरजपुर तय किया गया है। वहीं, जनपद पंचायत बिरला, बेमेतरा की प्रभारी सीईओ दीप्ति मंडावी का मुख्यालय अपर विकास आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। जनपद पंचायत तखतपुर, बिलासपुर के पीईओ सत्यव्रत तिवारी का मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, बिलासपुर संभाग बनाया गया है।
फरवरी में हुआ था ट्रांसफर
नदीप प्रधान का 20 फरवरी 2026 को जिला पंचायत सूरजपुर में प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर तबादला (Chhattisgarh CEO Suspended) किया गया था। आदेश के अनुसार, उन्हें 10 दिन के भीतर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना था। जिला पंचायत मुंगेली ने 27 फरवरी को ही उन्हें कार्यमुक्त कर दिया था। इसके बावजूद 30 सितंबर तक उन्होंने नई जगह ज्वाइन नहीं किया।
दीप्ति मंडावी ने नहीं किया ज्वाइन
दीप्ति मंडावी का 16 जून 2026 को जिला पंचायत बेमेतरा में सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर तबादला किया गया था। उन्हें भी 10 दिन के भीतर नई पदस्थापना पर ज्वाइन करना था। जिला पंचायत बेमेतरा ने उन्हें उसी दिन कार्यमुक्त कर दिया था, लेकिन 30 सितंबर तक उन्होंने नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। आदेश की अवहेलना (Chhattisgarh CEO Suspended) को कार्रवाई का आधार बनाया गया।
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अधीनस्थ को नहीं किया रिलीव
जनपद पंचायत तखतपुर, बिलासपुर के पीईओ सत्यव्रत तिवारी पर अधीनस्थ कर्मचारी को तबादले के बाद कार्यमुक्त नहीं करने का आरोप है। विकास विस्तार अधिकारी गोपी सिंह क्षत्रीय का 29 सितंबर 2025 को तखतपुर से जनपद पंचायत लोरमी, मुंगेली में तबादला किया गया था। आदेश में उन्हें 10 दिन के भीतर कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों का पालन नहीं होने पर तिवारी को निलंबित कर दिया गया।



