सीजी भास्कर, 14 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ ने 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। पटवारी फसलों के भौतिक सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पीवी ऐप में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं से नाराज हैं। संघ का आरोप है कि इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय विरोध करने वाले पटवारियों के खिलाफ तबादले, कारण बताओ नोटिस और निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है। (Chhattisgarh Patwari Strike)
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तबादले और निलंबन की कार्रवाई से नाराजगी : Chhattisgarh Patwari Strike
पटवारी संघ के मुताबिक, बलौदाबाजार जिले में संघ के पदाधिकारियों सहित अन्य पटवारियों के तबादले किए गए हैं और कुछ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, महासमुंद जिले में पटवारियों को निलंबित किए जाने की बात भी सामने आई है। संघ ने शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इन कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
संघ का कहना है कि पीवी ऐप के जरिए फसल सत्यापन के दौरान कई व्यावहारिक और तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इनका समाधान किए बिना पटवारियों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। संघ ने प्रशासन से मांग की है कि ऐप की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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कई विभागीय कामों का भी निभा रहे जिम्मा
पटवारी संघ के अनुसार, पटवारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक और किसान पंजीयन, बकेट क्लेम, जनगणना के पहले चरण, लघु सिंचाई संगणना और रेलवे व राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े सर्वे जैसे काम करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने, स्वामित्व योजना, सेवा संकल्प शिविर और प्रोटोकॉल से संबंधित जिम्मेदारियां भी निभाई जा रही हैं।
संघ (Chhattisgarh Patwari Strike) का कहना है कि पहले से कई कामों का दबाव होने के कारण पीवी ऐप की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान जरूरी है, ताकि निर्धारित कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके।
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वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति की मांग : Chhattisgarh Patwari Strike
पटवारी संघ ने लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति और पदोन्नति से जुड़े मामलों का जल्द निराकरण करने की मांग भी उठाई है। संघ ने इन मामलों को लंबित रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही चेतावनी दी है कि समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन से उत्पन्न स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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