सीजी भास्कर, 02 सितंबर : पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई (Kamlesh Rajput ED Raid) के बाद उनके परिवार की सरकारी सेवाओं और संपत्तियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कमलेश राजपूत करीब 15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष रहे हैं। उनके चारों बच्चे सरकारी सेवाओं में कार्यरत बताए जा रहे हैं।
परिवार के चारों बच्चे सरकारी सेवा में
जानकारी के अनुसार कमलेश राजपूत की बड़ी और दूसरी बेटी पटवारी के पद पर कार्यरत हैं। तीसरी बेटी उप पंजीयक के पद पर पदस्थ बताई गई हैं। वहीं उनके बेटे योगेश सिंह राजपूत नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं। परिवार में चार सरकारी अधिकारियों की जानकारी सामने आने के बाद (Kamlesh Rajput ED Raid) के बीच उनकी नियुक्तियों और सेवा संबंधी रिकॉर्ड भी चर्चा में हैं।
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बेटे की धमधा में पदस्थापना
योगेश सिंह राजपूत वर्तमान में दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2021-22 में CGPSC भर्ती परीक्षा दी थी। चयन के बाद उन्हें नायब तहसीलदार नियुक्त किया गया। CGPSC भर्ती से जुड़े मामले की जांच पहले से चल रही है। ऐसे में (Kamlesh Rajput ED Raid) के बाद परिवार के सदस्यों से जुड़े नियुक्ति रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों पर भी नजर रहने की संभावना जताई जा रही है।
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बेटी लंबे समय से उरला में पटवारी
कमलेश राजपूत की बेटी निवेदिता राजपूत करीब 11 वर्षों से उरला क्षेत्र में पटवारी के पद पर पदस्थ बताई जा रही हैं। उरला औद्योगिक और तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। यहां जमीनों के लेआउट, निर्माण और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य होते हैं। (Kamlesh Rajput ED Raid) के बाद परिवार के सदस्यों की पदस्थापना और उनसे जुड़े राजस्व रिकॉर्ड भी चर्चा के केंद्र में हैं।
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पिता और बेटी की पदस्थापना भी चर्चा में
कमलेश राजपूत अपने सेवाकाल में उरला से लगे करहीडीह क्षेत्र में पटवारी रह चुके हैं। बाद में उनकी बेटी की पदस्थापना उरला क्षेत्र में हुई। दोनों क्षेत्रों में जमीन और निर्माण से जुड़े कई प्रोजेक्ट हैं। ED की कार्रवाई के बाद परिवार के नाम पर मौजूद जमीन और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की संभावना पर नजर बनी हुई है। हालांकि, (Kamlesh Rajput ED Raid) के मामले में संपत्तियों को लेकर जांच एजेंसी की ओर से किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
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रिटायरमेंट के बाद भाजपा में शामिल हुए
कमलेश सिंह राजपूत लंबे समय तक छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष रहे। राजस्व विभाग में उनके लंबे कार्यकाल के कारण उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में रही है। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। अब ED की कार्रवाई के बाद उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि, संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
जमीन और आय के स्रोतों पर नजर
ED जैसी जांच एजेंसी कार्रवाई के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। इसमें जमीन की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और आय के स्रोतों से जुड़े दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, (Kamlesh Rajput ED Raid) के बाद परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ जांच एजेंसी ने कोई निष्कर्ष सार्वजनिक किया है, ऐसी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। इसलिए संपत्तियों या आय से जुड़े किसी भी दावे को जांच पूरी होने तक आरोप या संभावना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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