सीजी भास्कर, 02 अगस्त। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के हितग्राहियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब पात्र ग्रामीण परिवारों को अपने पक्के मकान के निर्माण के लिए निःशुल्क रेत उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसके लिए ‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल का शुभारंभ किया है।
मुख्यमंत्री ने नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस नई डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत की। पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों को रेत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा।

ऑनलाइन होगी रेत की मांग और स्वीकृति प्रक्रिया Chhattisgarh Free Sand Scheme
‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल के जरिए पात्र हितग्राहियों के लिए रेत की मांग दर्ज करने से लेकर स्वीकृति और उपलब्धता तक की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी।
इस नई व्यवस्था से हितग्राहियों को रेत के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे अपनी मांग और प्रक्रिया की स्थिति की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।
डिजिटल सिस्टम लागू होने से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और अनावश्यक भागदौड़ कम होने की उम्मीद है।
मकान निर्माण की लागत में मिलेगी राहत
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आर्थिक रूप से जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता प्रदान की जाती है।
हालांकि मकान निर्माण के दौरान सीमेंट, सरिया, ईंट और रेत जैसी निर्माण सामग्री पर बड़ी राशि खर्च होती है। ऐसे में निःशुल्क रेत मिलने से पात्र हितग्राहियों के निर्माण खर्च में कमी आ सकती है।
सरकार का मानना है कि इस सुविधा से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपने घर का निर्माण पूरा करने में अतिरिक्त मदद मिलेगी।
किन लोगों को मिलेगा मुफ्त रेत का लाभ?
‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल की सुविधा सभी नागरिकों के लिए नहीं है। इसका लाभ केवल प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पात्र हितग्राहियों को मिलेगा।
जिन ग्रामीण परिवारों को PMAY-G के तहत आवास स्वीकृत किया गया है और जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, उन्हें इस व्यवस्था के तहत निःशुल्क रेत उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार ने इस पहल को विशेष रूप से आवास निर्माण की लागत कम करने और हितग्राहियों को समय पर घर पूरा करने में मदद के उद्देश्य से शुरू किया है।
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रेत वितरण व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता
राज्य सरकार ने रेत वितरण की प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर अधिक पारदर्शी व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया है।
पोर्टल पर रेत की मांग, स्वीकृति और उपलब्धता से संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी। इससे पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना आसान होगा।
ऑनलाइन व्यवस्था से अनियमितताओं की संभावना कम होने के साथ ही पात्र हितग्राहियों तक सुविधा पहुंचाने में भी आसानी होगी।
अधूरे आवासों को पूरा करने में मिलेगी मदद
ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार आर्थिक कारणों और निर्माण सामग्री की बढ़ती लागत के चलते समय पर अपने आवास निर्माण का काम पूरा नहीं कर पाते।
ऐसे में निःशुल्क रेत की सुविधा से हितग्राहियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
यह पहल ग्रामीण परिवारों को अपने सपनों का पक्का घर बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग दे सकती है।
‘आपके सपनों का घर, हमारी जिम्मेदारी’
‘ई-रेत संगवारी’ पहल को राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों के लिए अतिरिक्त सहयोग की व्यवस्था के रूप में पेश किया है।
निःशुल्क रेत मिलने से जहां निर्माण लागत में कमी आएगी, वहीं ऑनलाइन प्रक्रिया से रेत प्राप्त करने की व्यवस्था सरल और पारदर्शी होगी।
सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत घरों का निर्माण समय पर पूरा हो और आर्थिक परेशानी के कारण किसी पात्र परिवार का आवास अधूरा न रहे।
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रिपोर्टर : ऐश कुमार साहू




