सीजी भास्कर, भिलाई, 20 अक्टूबर। दुर्ग जिले के बोरई-रसमड़ा स्थित जेडी स्टील प्लांट (JD Steel Plant Accident) में दर्दनाक हादसे में ठेकेदार संतोष कुमार श्रीवास्तव की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि प्लांट में मशीन से निकला करीब 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला लोहा (Molten Iron Accident) उनके शरीर पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें इलाज के लिए भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक बिहार के पूर्वी चंपारण के निवासी थे।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Seva Setu : अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत? एक मंच पर मिल रहीं 939 सेवाएं
अचानक नीचे आने से हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, घटना 17 अक्टूबर की देर रात की है। संतोष कुमार श्रीवास्तव जेडी स्टील प्लांट में ठेकेदारी का काम करते थे। इसी दौरान टिंडिस मशीन के एक हिस्से का नोजल अचानक नीचे आ गया, जिससे पिघला हुआ लोहा उनके शरीर पर गिर पड़ा। इस हादसे में वह बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस औद्योगिक हादसे (Industrial Accident in Durg) के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
यह भी पढ़ें : Balod Rojgar Mela : नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए मौका, 215 पदों पर भर्ती; जानें आवेदन का तरीका
आग की लपटों से घिरा दिखा व्यक्ति
हादसे से जुड़ा एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक व्यक्ति आग की लपटों से घिरा सीढ़ियों से नीचे भागता दिखाई दे रहा है। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश करते नजर आते हैं। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मृतक के शव का 18 अक्टूबर को पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जो अंतिम संस्कार के लिए उसे बिहार ले गए।
यह भी पढ़ें : Bastar Ration Card e-KYC : राशनकार्ड में आपका भी नाम तो नहीं कटने वाला? 30 अक्टूबर तक कर लें ये जरूरी काम
सुरक्षा व्यवस्था की जांच जारी
दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि जलने से एक मजदूर की अस्पताल में मौत हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। हादसे के कारणों और प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मशीन का नोजल अचानक नीचे आने की वजह क्या थी और हादसे के समय सुरक्षा के क्या इंतजाम थे।
यह भी पढ़ें : Dongri Tola Water Conservation : 3 हजार ट्रेंच से सहेजेंगे 24.30 लाख लीटर पानी, 250 परिवारों को मिलेगी राहत



