सीजी भास्कर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 19 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बारिश के पानी को सहेजने (Dongri Tola Water Conservation) के लिए अनूठी पहल की गई है। मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत दर्री के डोंगरी टोला में करीब 3 हजार स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच बनाई गई हैं। इनकी मदद से 24 लाख 30 हजार लीटर वर्षा जल संग्रहित करने की क्षमता विकसित हुई है। इस पहल से गर्मी में पानी की समस्या का सामना करने वाले करीब 250 परिवारों को भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि जल संरक्षण के इस काम से ग्रामीणों को 3,166 मानव दिवस का रोजगार भी मिला है।
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पहाड़ी पानी अब नहीं बहेगा बेकार
पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में बारिश का पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। इससे जल का उपयोग नहीं हो पाता और मिट्टी का कटाव भी बढ़ता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए डोंगरी टोला में वैज्ञानिक तरीके से स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच बनाई गई हैं। पहाड़ी ढलानों पर क्रमबद्ध तरीके से बनी ये संरचनाएं पानी के बहाव को धीमा करेंगी और उसे जमीन में समाने का अवसर देंगी। इससे भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलने और प्राकृतिक जलस्रोतों को लाभ पहुंचने की संभावना है।

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24.30 लाख लीटर पानी सहेजने की क्षमता
डोंगरी टोला में बनी करीब 3 हजार कंटूर ट्रेंच की कुल जल संग्रहण क्षमता 24 लाख 30 हजार लीटर है। बारिश के दौरान इन संरचनाओं में पानी रुकने से आसपास की जमीन में नमी बनाए रखने और मिट्टी के कटाव को कम करने में मदद मिलेगी। इस पहल से करीब 250 परिवारों को दीर्घकालीन जल सुरक्षा की उम्मीद है। भूजल स्तर में सुधार होने पर आसपास के कुओं और पारंपरिक जलस्रोतों को भी फायदा मिल सकता है। वर्षा जल संरक्षण (Dongri Tola Water Conservation) की यह पहल क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जल संरक्षण से मिला रोजगार
इस परियोजना की खासियत यह है कि पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य में रोजाना करीब 150 से 160 श्रमिकों को काम मिल रहा है। अब तक कुल 3,166 मानव दिवस रोजगार का सृजन हो चुका है। स्थानीय स्तर पर काम मिलने से ग्रामीण परिवारों को आजीविका का सहारा मिला है। इस तरह यह पहल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है।
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हरियाली और भूजल को मिलेगा लाभ
कंटूर ट्रेंच में जमा बारिश का पानी धीरे-धीरे जमीन में समाएगा। इससे मिट्टी में नमी बढ़ने और पेड़-पौधों के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद है। तेज बारिश के दौरान पानी का बहाव नियंत्रित होने से मिट्टी का कटाव भी कम हो सकता है। डोंगरी टोला में विकसित ये संरचनाएं जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का उदाहरण हैं। जल संरक्षण और रोजगार को जोड़ने वाली यह पहल आने वाले समय में ग्रामीणों की पानी संबंधी जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण में उपयोगी साबित हो सकती है।



