सीजी भास्कर, बिलासपुर 01 नवंबर 2026। गेवरा से पेंड्रारोड तक बन रहा ईस्ट-वेस्ट रेल कॉरिडोर (Gevra Pendra Road Rail Corridor) छत्तीसगढ़ के रेल और परिवहन नेटवर्क को नई दिशा देने वाला है। करीब 135 से 157 किलोमीटर लंबे इस रेल प्रोजेक्ट में पटरी बिछाने, पुल-पुलिया, अंडरब्रिज और ओएचई पोल लगाने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। हाल ही में पेंड्रारोड से भाड़ी स्टेशन के बीच 24 किलोमीटर लंबे नए ट्रैक पर रेल इंजन का सफल ट्रायल किया गया। इस दौरान रेलवे और इरकॉन के अधिकारी मौजूद रहे।
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कोयला ढुलाई को मिलेगा वैकल्पिक रास्ता
बिलासपुर के सीनियर डीसीएम अनुराग सिंह के मुताबिक, कॉरिडोर शुरू होने से कोरबा की गेवरा और दीपका खदानों से कोयला ढुलाई के लिए सीधा और वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध होगा। इससे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के उद्योगों तक कोयले की आपूर्ति तेज और निर्बाध हो सकेगी। इस नए रेल मार्ग (Gevra Pendra Road Rail Corridor) से मालगाड़ियों की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही मौजूदा रेल नेटवर्क पर दबाव भी कम होगा।
24 किमी ट्रैक पर इंजन ट्रायल सफल
परियोजना के तहत पेंड्रारोड से भाड़ी स्टेशन के बीच 24 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर रेल इंजन का परीक्षण सफल रहा है। इसे कॉरिडोर के निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है। आगे के चरणों में शेष काम पूरा होने के बाद इस रूट पर रेल संचालन का रास्ता साफ होगा।
इस कॉरिडोर से फिलहाल मुख्य रूप से कोयला परिवहन को फायदा मिलेगा। हालांकि, भविष्य में इस मार्ग पर यात्री ट्रेनें चलाने की संभावना भी है। ऐसा होने पर कोरबा, गेवरा और पेंड्रा के बीच रेल संपर्क मजबूत हो सकेगा।
रेल कॉरिडोर की प्रमुख जानकारी
- लंबाई: करीब 135 से 157 किलोमीटर
- अनुमानित लागत: 3,000 से 3,923 करोड़ रुपये
- रूट: गेवरा रोड-दीपका-कटघोरा-पसान-पेंड्रारोड
- परियोजना: ईस्ट-वेस्ट रेल कॉरिडोर
इस परियोजना (Gevra Pendra Road Rail Corridor) के पूरा होने से कोरबा क्षेत्र की कोयला खदानों से देश के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों तक माल परिवहन के लिए एक नया रेल विकल्प उपलब्ध होगा।
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