सीजी भास्कर, बिलासपुर 01 नंवबर 2026। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों को जल्द ही टोल प्लाजा पर रुकने और लंबी कतारों में इंतजार करने से राहत मिल सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बिलासपुर-पथरापाली एनएच-130 स्थित लिम्हा टोल प्लाजा से प्रदेश में पहली बार मल्टीलेन फ्री फ्लो (Chhattisgarh MLFF Tolling System) टोलिंग सिस्टम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस व्यवस्था में वाहन सामान्य रफ्तार से टोल प्लाजा पार कर सकेंगे और कैमरों की मदद से फास्टैग के जरिए शुल्क अपने आप कट जाएगा।
नई तकनीक के तहत हाई रिजॉल्यूशन कैमरे, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR), फास्टैग रीडर और डिटेक्शन सिस्टम लगाए जाएंगे। पूरे सिस्टम की निगरानी एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) से होगी। इससे टोल पर बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वाहन चालकों का समय और ईंधन भी बचेगा।
फास्टैग नहीं तो नंबर प्लेट से पहचान
नई व्यवस्था में जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा, उनकी पहचान नंबर प्लेट के जरिए की जाएगी। ऐसे वाहनों के लिए ई-नोटिस जारी होगा और शुल्क सामान्य फास्टैग टोल दर के बराबर रहेगा। नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर भुगतान नहीं करने पर दोगुना शुल्क देना होगा। टोल से छूट प्राप्त वीवीआईपी वाहनों के लिए एक्जम्पटेड फास्टैग की सुविधा रहेगी। NHAI का लक्ष्य मार्च 2027 तक लिम्हा टोल प्लाजा से बैरियर हटाकर नई व्यवस्था (Chhattisgarh MLFF Tolling System) शुरू करना है। यहां प्रयोग सफल रहने पर प्रदेश के अन्य टोल प्लाजा पर भी इसे लागू किया जा सकता है।
लिम्हा टोल पर रोज 22.7 लाख वसूली
इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, लिम्हा टोल प्लाजा पर एक महीने में 2,50,500 फास्टैग लेनदेन हुए। इस दौरान कुल 6 करोड़ 81 लाख 85 हजार रुपये का टोल शुल्क वसूला गया। यानी रोजाना औसतन 8,350 लेनदेन और करीब 22.7 लाख रुपये की वसूली हुई। प्रदेश में करीब 26 टोल प्लाजा हैं। नए राजमार्ग प्रोजेक्ट में भी इस तकनीक को प्राथमिकता देने की तैयारी है।
20 किमी दायरे में सालाना पास
टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए 1 नवंबर से रियायती सालाना पास की सुविधा लागू होगी। नगरीय निकाय सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपये और इसके बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए 1,500 रुपये शुल्क तय किया गया है। इस सुविधा का लाभ वैध फास्टैग वाले गैर-वाणिज्यिक निजी वाहन मालिक ले सकेंगे।
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सफर होगा तेज और सुगम
NHAI के रीजनल ऑफिसर आलोक कुमार के मुताबिक, नई टोलिंग व्यवस्था से सड़क सफर अधिक सुगम और तेज होगा। वाहन चालकों को टोल पर रुकने और कतार में इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। तकनीक आधारित शुल्क वसूली से यात्रियों को बेहतर और पारदर्शी सुविधा मिलेगी।



