CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » SUPREME COURT : गवर्नर की पावर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, CM बोले- सरकार के लिए बड़ी राहत

SUPREME COURT : गवर्नर की पावर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, CM बोले- सरकार के लिए बड़ी राहत

By Newsdesk Admin
08/04/2025
Share
SUPREME COURT
SUPREME COURT

सीजी भास्कर, 08 अप्रैल : तमिलनाडु सरकार के लिए आज बड़ी जीत का दिन था. सुप्रीम कोर्ट (SUPREME COURT) ने राज्यपाल आरएन रवि के 10 महत्वपूर्ण बिलों को मंजूरी देने से रोकने को ‘अवैध’ और ‘मनमाना’ करार दिया. कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्यपाल का यह कदम संविधान के खिलाफ था और इसे रद्द किया जाता है. यह फैसला राज्य सरकार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है.

गवर्नर आरएन रवि ने पिछले कुछ समय में तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पास किए गए 10 बिलों को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था और उन्हें राष्ट्रपति के पास भेजने का फैसला किया था. राज्य सरकार ने इसे संविधान का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुनाया और गवर्नर के फैसले को अवैध और मनमाना ठहराया.

कोर्ट ने कहा, ‘गवर्नर का यह कदम अवैध था और इसे रद्द किया जाता है. इन बिलों को उस तारीख से मंजूरी दी जाएगी, जब इन्हें गवर्नर के पास फिर से भेजा गया था.’ कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यपाल को संविधान के तहत दिए गए अधिकारों का सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए और यह कदम पारदर्शिता और संविधान के तहत होना चाहिए.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK के प्रमुख एमके स्टालिन ने इस फैसले को ‘ऐतिहासिक’ बताया. उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ तमिलनाडु के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी जीत है. इस फैसले से यह साबित हुआ है कि राज्यों को अपनी स्वायत्तता और अधिकार मिलना चाहिए. DMK राज्य की स्वतंत्रता और संघीय व्यवस्था के लिए हमेशा संघर्ष करता रहेगा.’

संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल के पास यह अधिकार है कि वह बिलों को मंजूरी दे सकते हैं, उन्हें रोक सकते हैं या राष्ट्रपति के पास भेज सकते हैं. अगर राज्य विधानसभा एक बार फिर से उसी बिल को पास करती है तो राज्यपाल को उसे मंजूरी देनी होती है. लेकिन, अगर वह बिना मंत्रिपरिषद की सलाह के फैसले लेते हैं तो यह समय सीमा के अंदर करना होता है, अन्यथा इसे न्यायिक समीक्षा के तहत जांचा जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट का नया दिशा-निर्देश (SUPREME COURT)

सुप्रीम कोर्ट (SUPREME COURT) ने यह भी स्पष्ट किया कि गवर्नर के फैसले को न्यायिक समीक्षा के दायरे में लाया जा सकता है. कोर्ट ने गवर्नरों के लिए समय सीमा तय की है और कहा कि अगर गवर्नर एक महीने के भीतर फैसले नहीं लेते हैं तो उनके कार्यों की जांच की जाएगी.

राज्यपाल और सरकार के बीच तनाव (SUPREME COURT)

राज्यपाल और तमिलनाडु सरकार के बीच कई बार टकराव हो चुके हैं. गवर्नर ने कई बार विधानसभा में अपने संबोधन में भी विवाद उठाए थे. 2023 में, गवर्नर ने राज्य विधानसभा के उद्घाटन के समय राष्ट्रीय गीत न गाए जाने पर विरोध जताया था. इससे पहले, उन्होंने विधानसभा के कुछ महत्वपूर्ण भाषणों को पढ़ने से इनकार कर दिया था.

Israel US Strikes in Iran LIVE : 1 मिनट में 40 कमांडर ढेर, सऊदी में मॉल में आग
इजराइल को ये क्या हुआ? देखते ही देखते ब्रिटेन के जहाज पर दाग दिया बम
रेल के केम्पेन कोच में लगी आग, दूर से ही यूं उठा धुएं का गुबार, दो गैस सिलेंडर से लगी आग, फायर ब्रिगेड मौके पर
किडनैप पटवारी के लिए फिरौती 2 करोड़ की, घरवालों ने 19 लाख देकर छुड़वाया, बदमाशों की पहचान में जुटी पुलिस
Guru Purnima: गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा उत्सव की तैयारी तेज, सीएम योगी भी विशेष पूजा अर्चना में होंगे शामिल
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

CSCS anti-doping seminar
CSCS anti-doping seminar : 200 क्रिकेटरों को दी गई ट्रेनिंग, दवाओं और सप्लीमेंट को लेकर किया गया जागरूक

CSCS anti-doping seminar

Bilaspur train cancellation
Bilaspur train cancellation : 18-19 जुलाई को 8 ट्रेनें रद्द, यात्रियों को होगी परेशानी

Bilaspur train cancellation

Priyadarshini Parisar theft
Priyadarshini Parisar theft : बिजली केबल चोरी, बाइक सवार तीन बदमाश सीसीटीवी में कैद

Priyadarshini Parisar theft

Bilaspur LIC office fire
Bilaspur LIC office fire : शॉर्ट सर्किट से आग, बड़ा हादसा टला

Bilaspur LIC office fire

Teacher pay scale case
Teacher pay scale case : क्रमोन्नति वेतनमान पर 14 शिक्षकों को हाईकोर्ट से झटका, सभी रिट याचिकाएं खारिज

Teacher pay scale case

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?