सीजी भास्कर, 22 जुलाई| AIIMS Smart Card : दिल्ली एम्स द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड वन एम्स, वन कार्ड पहल के तहत देशभर के एम्स में लागू हो सकता है। इसके लिए तैयारी चल रही है। यह व्यवस्था लागू होने पर दिल्ली एम्स के एक ही स्मार्ट कार्ड से मरीज देश के किसी भी एम्स में जांच और इलाज का शुल्क भुगतान कर सकेंगे। इससे मरीजों को सुविधा होगी। साथ ही कैशलेस भुगतान को बढ़ावा मिलेगा और इलाज का शुल्क भुगतान करने के लिए नकद राशि रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दिल्ली एम्स ने स्टेट बैंक आफ इंडिया के साथ मिलकर पिछले वर्ष फरवरी 2024 में स्मार्ट कार्ड जारी किया था।
इसे मरीजों के लिए जारी करने से पहले दिसंबर 2023 में बाकायदा इसका ट्रायल किया गया। तब इसे एम्स के कैफेटेरिया में कर्मचारियों द्वारा इसका इस्तेमाल शुरू किया (AIIMS Smart Card)गया। इसके बाद मातृ एवं शिशु ब्लाक में मरीजों के इस्तेमाल के लिए जारी किया गया। यह स्मार्ट कार्ड अस्पताल द्वारा मरीज को दिए गए विशेष स्वास्थ्य पहचान नंबर (यूएचआइडी) व आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट) नंबर से जुड़ा होता है। मरीज इस स्मार्ट कार्ड में पैसा टाप अप कराकर सुरक्षित रख सकते हैं।
अब एम्स प्रशासन फिर से इसको बढ़ावा देने के प्रयास में जुटा है। एम्स प्रशासन का कहना है कि ओपीडी व अन्य सेंटर में धीरे-धीरे मरीजों को यह कार्ड दिया जाएगा। वन एम्स वन कार्ड के तहत इसे सभी एम्स में लागू किया जाना है। बता दें कि दिल्ली एम्स में पहुंचने वाले 40 प्रतिशत से ज्यादा मरीज दूसरे राज्यों के होते हैं। मरीजों को इलाज के लिए कई दिनों तक दिल्ली रुकना पड़ता है। इस वजह से बहुत मरीज अपने साथ नकद राशि लेकर पहुंचते हैं। एम्स के अनुसार मरीजों द्वारा नकद राशि लेकर अस्पताल पहुंचने से सुरक्षा को लेकर समस्या रहती है।


