गाजीपुर।
जखनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में विधायक बेदी राम और अधीक्षक डॉ. योगेंद्र यादव के बीच हुई तीखी नोकझोंक का मामला अब बड़ा मोड़ ले चुका है। वायरल वीडियो के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने कार्रवाई करते हुए डॉ. योगेंद्र को अधीक्षक पद से हटा दिया है और उन्हें सीएमओ कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। वहीं विधायक ने कहा है कि वे इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
घटना उस समय हुई जब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के जखनिया विधायक बेदी राम, स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई कर्मचारियों ने अटेंडेंस रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
उसी समय डॉक्टर योगेंद्र भी रजिस्टर में साइन करने लगे। इस पर विधायक ने नाराजगी जताई और ऊंची आवाज में सवाल किया।
डॉ. योगेंद्र ने जवाब देते हुए कहा,
“मुझे ऊंची आवाज सुनने की आदत नहीं है, तुम्हारे जैसे कई विधायक देखे हैं।”
यह कहते हुए वह चेंबर छोड़कर बाहर निकल गए। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
निरीक्षण में मिली कमियां
विधायक के निरीक्षण में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं—
- मरीजों ने बाहर से दवाएं लिखने और जांच कराने की शिकायत की।
- इलाज के नाम पर पैसे वसूलने के आरोप लगे।
- मरीजों के लिए चलने वाला किचन बंद मिला, गैस सिलेंडर खाली था।
- वार्डों की चादरें गंदी थीं और टॉयलेट बंद पाए गए।
- दो खुले शौचालयों में भी गंदगी फैली हुई थी।
इन खामियों पर विधायक भड़क उठे और अधीक्षक से जवाब-तलबी की।
डॉक्टर का ट्रांसफर और नया अधीक्षक नियुक्त
मामले की जानकारी जिला अधिकारी तक पहुंचने के बाद सीएमओ डॉ. सुनील पांडे ने तुरंत कार्रवाई की। आदेश जारी कर डॉ. योगेंद्र यादव को सीएमओ कार्यालय से अटैच कर दिया गया। उनकी जगह डॉ. अवधेश पासवान को नया अधीक्षक बनाया गया है।
अब डॉ. अवधेश को केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधा देने की जिम्मेदारी दी गई है।
विधायक बोले – सीएम तक जाएगा मामला
विधायक बेदी राम का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मामला वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने भी रखेंगे ताकि जवाबदेही तय हो और मरीजों को सही सुविधाएं मिल सकें।