सीजी भास्कर, 25 अगस्त : कांग्रेस अब अपनी राज्य इकाइयों और विशेषकर जिला कांग्रेस अध्यक्षों को यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की लगातार निगरानी करनी होगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को हरियाणा और मध्य प्रदेश के नवनियुक्त जिलाध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा (Congress on Voter List Monitoring) के जरिए ‘वोट चोरी’ की साजिशों से निपटने के लिए कार्यकर्ताओं को पांचों वर्ष सावधान रहना होगा।
खरगे का जिलाध्यक्षों को संदेश
खरगे ने चेतावनी दी कि भाजपा एसआइआर जैसे तरीकों से कांग्रेस समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से काट सकती है।
ऐसे में जिलाध्यक्षों की जिम्मेदारी है कि वे पूरे पांच वर्ष मतदाता सूची की सघन जांच करें और यदि कहीं भी गड़बड़ी मिले तो तुरंत कार्रवाई करें।
खरगे ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण में गड़बड़ी सामने आने पर राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा ने लोगों को जागरूक किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग और भाजपा के नैरेटिव पर सवाल उठाए हैं।
हरियाणा और मध्य प्रदेश का जिक्र
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में आठ सीटें सिर्फ 22,779 वोटों के अंतर से हाथ से निकल गईं। वहीं, मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर वोट चोरी की आशंका सामने आई।
खास बात यह रही कि चुनाव से पहले सात महीनों में सिर्फ चार लाख वोटर बढ़े, जबकि आखिरी दो महीनों में अचानक 16 लाख वोटर बढ़ गए। कर्नाटक की महादेवपुरा सीट पर हुई गड़बड़ी का अध्ययन कर राहुल गांधी ने देश के सामने हकीकत रखी है और चुनाव आयोग इस पर जवाब नहीं दे रहा।
संगठनात्मक मजबूती पर जोर
खरगे ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता तक ले जाने में जिलाध्यक्षों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने मंडल और बूथ कमेटियों में वफादार और पार्टी विचारधारा के प्रति अडिग कार्यकर्ताओं को रखने की सलाह दी। साथ ही गुटबाजी को किनारे करने और एकजुट रहकर काम करने पर बल दिया।
खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘वोट चोरी’ के बाद अब ‘सत्ता चोरी’ पर उतारू है और विपक्षी सरकारों को गिराने के लिए गिरफ्तारी जैसे हथियार का इस्तेमाल कर रही है।
राहुल गांधी का संवाद
इस बीच वोटर अधिकार यात्रा से एक दिन के ब्रेक पर दिल्ली लौटे राहुल गांधी ने भी जिलाध्यक्षों से संवाद किया।
उन्होंने उन्हें जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और लोकतंत्र पर मंडरा रहे खतरों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
राहुल ने कहा कि यह केवल चुनाव जीतने की लड़ाई नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को बचाने का संघर्ष है (Congress on Voter List Monitoring)।