सीजी भास्कर, 25 अगस्त : झारखंड की राजधानी रांची में रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक चम्पाई सोरेन को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया (Champai Soren House Arrest)। सोरेन रांची के नगड़ी इलाके में किसानों और आदिवासियों के साथ प्रस्तावित रिम्स-2 मेडिकल कॉलेज अस्पताल की जमीन पर हल चलाकर विरोध दर्ज कराने जा रहे थे।
पुलिस ने रास्ते में रोका, ग्रामीण पहुंचे खेतों तक
पुलिस-प्रशासन ने पहले ही आंदोलन को देखते हुए स्थल पर धारा 144 लागू कर दी थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। बावजूद इसके, दोपहर करीब ढाई बजे ग्रामीण नदी पारकर खेतों के रास्ते चिन्हित जमीन पर पहुंचे।
उन्होंने वहां लगे कंटीले तार काटे और खेतों में हल चलाकर धान रोपा। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
भाजपा की अगुआई में विरोध
नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में भाजपा खुलकर समर्थन कर रही है। चम्पाई सोरेन ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि किसानों की जमीन बचाने के लिए पार्टी किसानों के साथ खड़ी है।
लेकिन पुलिस ने उन्हें आंदोलन स्थल तक पहुंचने से पहले ही उनके सरकारी आवास पर रोक दिया (Champai Soren House Arrest)। कई अन्य नेताओं और प्रदर्शनकारियों को भी रास्ते में ही हिरासत में लिया गया।पूरे झारखंड में आंदोलन की चेतावनी
रविवार सुबह एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए चम्पाई सोरेन ने लिखा- “नगड़ी के आदिवासी-मूलवासी किसानों की आवाज उठाने से रोकने के लिए झारखंड सरकार ने मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया है।”
देर शाम प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और किसानों ने भारी संख्या में आंदोलन में भाग लेकर इसे सफल बनाया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन सिर्फ नगड़ी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे झारखंड में जोरदार तरीके से जारी रहेगा।


