सीजी भास्कर, 30 अगस्त : देश में सड़क दुर्घटनाओं पर वर्ष 2023 की नई रिपोर्ट (Road Accident Report 2023) आ गई, लेकिन हाल वही पुराना। बीते वर्ष की तुलना में 4.2 प्रतिशत हादसे बढ़ गए, इनमें जान गंवाने वालों की संख्या भी बढ़ी और फिर अधिकतर हादसों (68.4 प्रतिशत) का ठीकरा वाहनों की तेज गति (Overspeeding) पर फोड़ दिया गया। एक बार फिर रिपोर्ट में ‘सरकारी चिंता’ जोड़ी गई है कि ‘कुछ करना होगा।’ मगर यह देख-सुनकर अब सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ भी नाक-भौं सिकोड़ रहे हैं, क्योंकि वे मानते हैं कि सड़क सुरक्षा के लिए जिस तरह के ठोस प्रयास होने चाहिए, वे हुए ही नहीं। ये आरोप निराधार नहीं कहे जा सकते, क्योंकि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बार-बार उलाहना देते हैं कि विभाग के अफसर अकर्मण्य हैं, लेकिन प्रश्न यही है कि कार्रवाई आखिर होती क्या है? लिहाजा, रिपोर्ट का निष्कर्ष यही है कि हादसों की रफ्तार इसलिए थमी नहीं है क्योंकि अफसर बेसुध हैं और सरकार शायद लाचार।
इंटरनेशनल रोड कांग्रेस इंडिया चैप्टर के सलाहकार प्रो. पीके सिकदर का कहना है कि तमाम खामियों को छिपाते हुए हमेशा ओवरस्पीडिंग (Overspeeding Accidents) पर ठीकरा फोड़ दिया जाता है। कैसे मान लिया जाए कि पुलिस ने तेज गति का जो कारण बताया है, वही सही है। बड़ा हादसा होने पर भी अफसर दो-तीन दिन बाद जांच के लिए पहुंचते हैं, जबकि हादसे की मूल वजह तुरंत जांच पर ही स्पष्ट हो सकती है। सवाल यह भी है कि जब सभी हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे मौजूद ही नहीं हैं तो कैसे तय किया गया कि ओवरस्पीडिंग थी। उनका सवाल इसलिए भी सटीक है, क्योंकि सरकारी आंकड़ा खुद कहता है कि अभी तक केवल 20 हजार किलोमीटर हाईवे नेटवर्क पर ही एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा सका है, जबकि नेशनल व स्टेट हाईवे का कुल नेटवर्क लगभग 3.25 लाख किलोमीटर लंबा है।
भारत सरकार की सड़क सुरक्षा सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. कमल सोई का कहना है कि यदि हादसों का कारण ओवरस्पीडिंग है तो मंत्रालय बताए कि इसे रोकने के ठोस उपाय कौन से किए गए? पश्चिमी देशों में तो हर जगह स्पीड रडार लगाए गए हैं, जबकि यहां व्यावसायिक वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने की योजना अब भी धूल फांक रही है। यह इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (Intelligent Transport System) तकनीक है, जो वाहन के फ्यूल सप्लाई सिस्टम से जुड़कर अतिरिक्त ईंधन को इंजन में जाने ही नहीं देता। डॉ. सोई का मानना है कि केवल ओवरस्पीडिंग ही नहीं, बल्कि वाहनों की फिटनेस में घालमेल और खराब रोड इंजीनियरिंग भी हादसों की बड़ी वजह हैं।