सीजी भास्कर 21 नवम्बर Delhi Security Measures: अमोनियम नाइट्रेट की खरीद पर सख़्त नज़र
- Delhi Security Measures: सोशल मीडिया पर कट्टरपंथ रोकने के आदेश
- Delhi Security Measures: संवेदनशील इलाकों पर बढ़ेगी नजर, कम्युनिटी पुलिसिंग मज़बूत
- Delhi Security Measures: डॉक्टरों का डिजिटल डेटाबेस बनेगा
- Delhi Security Measures: गाड़ियों की खरीद-बिक्री में ‘डबल चेक सिस्टम’
- राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को मिली नई दिशा
लाल किला क्षेत्र में हुए धमाके के बाद राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर हो गया है। उपराज्यपाल ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि अमोनियम नाइट्रेट (Delhi Security Measures) जैसे संवेदनशील रसायनों की खरीद-बिक्री पर अब पहले से कई गुना कड़ी निगरानी रखी जाए।
निर्देशों के तहत, एक तय सीमा से अधिक मात्रा खरीदने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड अब अनिवार्य होगा—फोटो, पहचान और खरीद का उद्देश्य सभी दर्ज होगा।
Delhi Security Measures: सोशल मीडिया पर कट्टरपंथ रोकने के आदेश
उपराज्यपाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाले कट्टरपंथी कंटेंट को real-time tracking में लाया जाए।
इसके लिए प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कदम ऐसे समय में बेहद अहम है जब ऑनलाइन कंटेंट कई बार युवाओं के व्यवहार को सीधे प्रभावित कर देता है।
Delhi Security Measures: संवेदनशील इलाकों पर बढ़ेगी नजर, कम्युनिटी पुलिसिंग मज़बूत
पहचाने गए ‘हाई-रिस्क ज़ोन’ में पुलिस टीमों की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी।
साथ ही, लोकल समुदाय को शामिल कर preventive policing पर जोर दिया जाएगा, ताकि संदिग्ध गतिविधियों को जड़ से रोका जा सके।
Delhi Security Measures: डॉक्टरों का डिजिटल डेटाबेस बनेगा
उपराज्यपाल ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि राजधानी में कार्यरत सभी डॉक्टरों, विशेषकर निजी अस्पतालों में, का central digital repository तैयार किया जाए।
विदेशी डिग्री वाले डॉक्टरों की जानकारी पुलिस के साथ साझा की जाएगी, ताकि बैकग्राउंड वेरिफिकेशन निर्बाध रूप से हो सके।
Delhi Security Measures: गाड़ियों की खरीद-बिक्री में ‘डबल चेक सिस्टम’
राजधानी में वाहनों की खरीद-बिक्री को लेकर भी नए सख़्त नियम लागू होंगे।
कई बार पंजीकृत मालिक और वास्तविक उपयोगकर्ता अलग होने की वजह से जांच एजेंसियों को दिक्कत आती है।
इसीलिए अब यह अनिवार्य किया जा रहा है कि vehicle verification प्रक्रिया पूरी साफ़गई के साथ हो, चाहे वह दोपहिया हो या ऑटो-रिक्शा।
राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को मिली नई दिशा
लाल किला ब्लास्ट के बाद लिए गए इन फैसलों को दिल्ली की सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है।
रसायनों की निगरानी से लेकर सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और वाहन सत्यापन तक, सरकार ने संकेत दे दिए हैं कि सुरक्षा को लेकर अब कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।



