सीजी भास्कर, 06 सितंबर। छत्तीसगढ़ वृक्षारोपण अभियान का एक शानदार उदाहरण रिसाली नगर निगम क्षेत्र के मरोदा सेक्टर बी पॉकेट में देखने को मिला।
यहां स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों के सहयोग से 500 से भी अधिक फलदार पौधे लगाए गए।
इस पहल को “ग्रीन मरोदा क्लीन मरोदा” थीम पर आयोजित किया गया, जो आने वाले समय में क्षेत्र की खूबसूरती और पर्यावरणीय संतुलन दोनों को मजबूत करेगा। Green Plantation Drive in Chhattisgarh
त्योहारों को जोड़ा गया हरियाली से
इस वृक्षारोपण कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसे ओणम, गणेश चतुर्थी, मिलादुन्नबी और शिक्षक दिवस जैसे पर्वों से जोड़ा गया।
आयोजकों का मानना है कि जब उत्सवों को पर्यावरण से जोड़ा जाएगा, तभी समाज को सही दिशा मिल सकेगी।
योग और कला जगत से भी मिला समर्थन
कार्यक्रम में योग लंगर के संस्थापक अशोक माहेश्वरी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि प्रकृति की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और यह देखकर खुशी होती है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार पर्यावरण के लिए काम कर रहे हैं।

कलाकार दुष्यंत हरमुख ने इसे वार्ड की पहचान बताते हुए कहा कि “केशव बंछोर का लगाव हमेशा से पर्यावरण के साथ रहा है। उनके कार्यकाल में हमेशा कुछ नया देखने को मिलता है और यह भी उसी का उदाहरण है।”
पत्रकारों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी
पत्रकार रोमशंकर यादव ने अपने हाथों से आम और अमरूद के पौधे लगाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सकारात्मक सोच (positive leadership for plantation) ही समाज को दिशा देती है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस नर्सरी की देखरेख में स्थानीय लोग भी सक्रिय रहेंगे और इसे एक आदर्श मॉडल बनाएंगे। (Green Plantation Drive in Chhattisgarh)

जनप्रतिनिधि की जवाबदारी: केशव बंछोर
सभापति एवं वार्ड पार्षद केशव बंछोर ने कहा –
प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा केवल संगठन या सरकार की नहीं, बल्कि हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। चाहे वह जल संवर्धन हो या वृक्षारोपण, हमें जनता को जोड़कर बेहतर माहौल बनाने की दिशा में कदम उठाना होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस अभियान की सफलता में वार्डवासियों, स्थानीय संगठनों, निगम प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन (Bhilai Steel Plant) का बड़ा योगदान रहा।
सामाजिक संगठनों और नागरिकों की बड़ी मौजूदगी
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए। जानकी रमैय्या, सनीर साहू, विलास बोरकर, अभय सोनी, संजय चौधरी, उत्तम वर्मा, अमृत लाल चौहान, चंद्रकांत पटेल, मनहरन वर्मा, अशोक कंगाली, व्यास नारायण बघेल समेत सैकड़ों नागरिकों ने भागीदारी की। महिलाओं ने भी सक्रियता से पौधे लगाए और इसे सामुदायिक जिम्मेदारी का रूप दिया।भविष्य के लिए उम्मीद
500 से अधिक फलदार पौधों की नर्सरी (fruit plantation initiative) केवल हरियाली बढ़ाने का काम नहीं करेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में मरोदा सेक्टर की पहचान भी बनेगी। 




